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मत कहो कि वैक्सीन की कमी है, यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है!!! ट्वीट पर ट्रोल हुए पूर्व आप नेता आशुतोष

आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और पत्रकार आशुतोष ने केंद्र सरकार को देश में वैक्सीन की कमी के मुद्दे पर घेरने की कोशिश क्या की ट्विटर यूजर्स ने उन्हें ही उलटा ट्रोल कर दिया।

ashutosh, covidपत्रकार आशुतोष। (फाइल फोटो, सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस)

आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और पत्रकार आशुतोष ने केंद्र सरकार को देश में वैक्सीन की कमी के मुद्दे पर घेरने की कोशिश क्या की ट्विटर यूजर्स ने उन्हें ही उलटा ट्रोल कर दिया। आशुतोष ने ट्वीट किया, ‘मत कहो कि वैक्सीन की कमी है, यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है !!!’ इसका जवाब देते हुए रमेश पालीवाल नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘सूखे पेड़ की डाल पर भूखे बैठे मरियल से कौए की नजर सड़े मरे चूहे पर पड़ी, झपट्टा मार कर चोंच में दबाये वह उड़ कर उसी डाल पर गंध मारते चूहे को मस्त होकर खाने लगा और उसका लेखक मन जाग उठा। वह आपदा में अवसर ढूंढने का एक औऱ मौका पाकर कलम चलाने लगा और चिकन बिरयानी के सपनों में खो गया।’

बता दें कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स में COVID-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक ली। उन्होंने 1 मार्च को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की पहली खुराक ली थी। एक ट्वीट में, प्रधानमंत्री ने वैक्सीन की दूसरी खुराक लेते हुए खुद की एक तस्वीर शेयर की और कहा: “AIIMS में COVID-19 वैक्सीन की मेरी दूसरी खुराक ली। टीकाकरण वायरस को हराने के तरीकों में से एक है। यदि आप वैक्सीन के लिए योग्य हैं, तो जल्द ही अपना खुराक लें। CoWin.gov.in पर रजिस्टर करें। ”

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का कहना है कि कोविड -19 टीकाकरण अब ऑफिस में भी होगा। कर्मचारी अपने ऑफिस में वैक्सीनेशन करा सकेंगे। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि वह इस बात से परेशान हैं कि कई राज्य सरकारें कोविड महामारी को रोकने में विफल रही हैं। साथ ही उन बातों को लागू करने में विफल रही हैं जो देश ने पिछले एक साल में सीखी हैं।

हर्षवर्धन ने कहा, ” महाराष्ट्र ने सिर्फ 86% स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की पहली खुराक दी। दिल्ली और पंजाब ने 72% और 64% कर्मियों को ही पहली खुराक दी। कुछ सरकारें लोगों में दहशत फैलाने के काम कर रही हैं।”

महाराष्ट्र के महामारी से निपटने पर बोलते हुए, हर्षवर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण करने के मामले में राज्य का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि महामारी को नियंत्रित करने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है। मंत्री ने कहा ,”… अपनी सारी ऊर्जा राजनीति करने पर लगाने और महामारी को लेकर आतंक फैलाने से महाराष्ट्र के लोगों की मदद नहीं होने वाली है।”

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