ज्योतिष अशोक कुमार खरात को मंगलवार 17 मार्च को नासिक की पुलिस ने महिला अनुयायी से रेप से आरोप में गिरफ्तार किया है। महिला का आरोप है कि खरात ने साल 2022 से 2025 के बीच दिव्य शक्तियों का हवाला देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
एक ऐसा शख्स जो दावा करता है कि वह ऑस्ट्रेलियन मर्चेंट नेवी में “कैप्टन” है, उसे एक दर्जन भाषाएं आती हैं, और वह एक “कॉस्मोलॉजी एक्सपर्ट” है, जिसके पास “प्रकृति, इंसानों, जानवरों, और जीवित व निर्जीव दोनों तरह की चीजों के अतीत और भविष्य का तुरंत विश्लेषण करने” की क्षमता है उसकी गिरफ्तारी ने महाराष्ट्र में राजनीति तूफान ला दी है।
गंभीर आरोपों में गिरफ्तारी के बाद 61 वर्षीय खरात के राजनीतिक कनेक्शन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पुलिसिया कार्रवाई के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उनकी तस्वीरें इंटरनेट पर सर्कुलेट हो रही हैं। साथ ही महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और NCP नेता रूपाली चाकणकर को पद से हटाने की मांग भी की जा रही है।

चाकणकर, नासिक जिले के सिन्नर में स्थित ‘श्री शिवनिका संस्थान’ की ट्रस्टी हैं, जिसका नेतृत्व खरात करते हैं। चाकणकर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह सम्मान के तौर पर खरात के पैर धोते हुए दिखाई दे रही हैं। गौरतलब है कि खरात पहली बार तब लाइमलाइट में आए थे जब राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नवंबर 2022 में वरिष्ठ नेताओं राधाकृष्ण विखे पाटिल और दीपक केसरकर के साथ श्री शिवनिका मंदिर का दौरा किया था।
शिंदे के बाद जब कई अन्य राजनीतिक नेताओं ने राज्य में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच भी ऐसा ही किया, कथित तौर पर यह जानने के लिए कि उनका भविष्य कैसा होगा, तब उस समय की एकजुट एनसीपी ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के लिए ऐसी मुलाकातें असामान्य हैं और इनसे अंधविश्वास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि शिंदे राज्य के मुख्यमंत्री हैं और ऐसा करने वो उदाहरण पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो ऐसा सोचते हैं कि क्या खरात के पास उनका दौरा यह दिखाता है कि वे अपनी खुद की स्थिति को लेकर अनिश्चित थे।
बता दें कि पुलिस ने खरात के खिलाफ रेप के साथ ही राज्य के काला जादू विरोधी कानून के प्रावधान के तहत भी मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ चल रही जांच का एक अहम हिस्सा एक पेन ड्राइव है, जिसे कथित तौर पर उससे जब्त किया गया है; पुलिस का कहना है कि इस पेन ड्राइव में कम से कम 58 वीडियो हैं। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन वीडियो में अन्य पीड़ित या उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी शामिल हैं।

महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने खरात को “राज्य का आसाराम बापू” कहा। उन्होंने कहा, “आसाराम बापू और राम रहीम ने जो किया, ठीक वही अशोक खरात ने भी किया है। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। और अब तक उसकी हरकतों को देखते हुए, यह साफ है कि उसे किसी न किसी तरह का राजनीतिक संरक्षण जरूर मिला होगा। महाराष्ट्र की जनता को यह जानने का पूरा हक है कि ये लोग कौन हैं।”
चाकणकर के बारे में बात करते हुए सपकाल ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि महिलाओं को शोषण से बचाने के लिए बनाए गए आयोग की अध्यक्ष के “संबंध” खरात से थे। उन्होंने कहा, “उन्हें अब तक अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था।” कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि चाकणकर को अपने पद पर बने रहने का “कोई हक नहीं” है। उन्होंने कहा, “अगर इस ऊंचे पद पर बैठा कोई व्यक्ति किसी धोखेबाज के पैर धो रहा हो… तो कोई उससे न्याय की उम्मीद कैसे कर सकता है?”
शिवसेना (UBT) की नेता सुषमा अंधारे ने कहा : “महाराष्ट्र में एक महिला उपमुख्यमंत्री (सुनेत्रा पवार) हैं। अब यह फैसला उन्हें ही करना है कि चाकणकर को अपने पद पर बने रहना चाहिए या नहीं।” इधर, चाकणकर ने कहा है कि शिवनिका संस्थान के साथ उनका जुड़ाव सिर्फ “समाज सेवा” तक ही सीमित है।
उन्होंने कहा, “शिवनिका संस्थान ट्रस्ट एक महादेव मंदिर ट्रस्ट है, जहां कभी-कभी सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं; इसलिए, हममें से कई लोग—जिनमें कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हैं—इस ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। मुझे कैप्टन खरात की निजी जिंदगी या उन पर लगे आरोपों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।”
खरात की अब बंद हो चुकी एक वेबसाइट पर उन्हें एक आध्यात्मिक सलाहकार और “ब्रह्मांड विज्ञान विशेषज्ञ” (Cosmology Expert) के तौर पर बताया गया है। वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने गणित में BSc की पढ़ाई की थी, जिसके बाद उन्होंने भारतीय समुद्री क्षेत्र में सात साल और ऑस्ट्रेलियाई मर्चेंट नेवी में 15 साल तक सेवा दी। वेबसाइट में यह भी बताया गया है कि उन्होंने 154 देशों की यात्रा की है और वे “ब्रह्मांड शास्त्र” या ब्रह्मांड विज्ञान के जानकार हैं।
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