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”Time Pass है वसुंधरा राजे की सरकार”

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत का कहना है कि राज्य में सिर्फ टाइम पास सरकार है।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत का कहना है कि राज्य में सिर्फ टाइम पास सरकार है। राज्य में ऐसी सरकार है जो जनता और उसके विधायकों को भी नजर नहीं आ रही है। गहलोत ने सरकार की दूसरी वर्षगांठ के जश्न के समारोहों को फिजूलखर्ची करार दिया है। राज्य में भाजपा की वसुंधरा सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर गहलोत ने गुरुवार को यहां जनसत्ता से बातचीत में कहा कि इन दो साल में सरकार ने जनहित में कोई काम नहीं किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वसुंधरा सरकार सभी मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है। भाजपा सरकार के शासन में विकास का कोई काम नहीं हुआ और दूसरी तरफ अपराधों में बढोतरी हो गई। राज्य में अपराधों में बढोतरी होने से आम जनता में असुरक्षा का माहौल भी इन दो सालों में पनपा है।

गहलोत ने साफ कहा कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है। भाजपा शासन में दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और कमजोर तबकों पर अत्याचार की घटनाओं में खासी बढोतरी हो गई है। राजधानी में दिनदहाडेÞ गैंगवार की घटनाएं होना ही सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोल देता है। पूर्व के कांग्रेस शासन की जनहितकारी योजनाओं को बंद कर सरकार जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है। कांग्रेस शासन की रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो जैसी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं को सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इसके साथ ही मुफ्त दवा और पेंशन जैसी महत्त्वपूर्ण योजना को भाजपा सरकार ने एक तरह से बंद ही कर दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की कार्यशैली को निशाना बनाते हुए कहा कि इससे उनकी ही पार्टी के लोग दुखी है। वसुंधरा सरकार दूसरी वर्षगांठ मना रही है पर गहलोत ने उसके अस्तित्व पर ही सवालिया निशान बनाते हुए कहा कि प्रदेश में शासन ही कहां है। सरकार को सिर्फ फिजूलखर्ची की आदत पड़ गई है। राज्य में हाल में रिसर्जेंट राजस्थान का तमाशा हुआ जो सिर्फ बडेÞ उद्योगपतियों का स्नेहमिलन समारोह बन कर रह गया।

गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राजे जनता की उम्मीदें पूरी करने के बजाय धौलपुर या दिल्ली में बैठ कर रिमोट से सरकार चला रही है। विधायकों और मंत्रियों की भी सरकार में सुनवाई नहीं हो रही है। मंत्रियों में किसी तरह का तालमेल नहीं है। भाजपा के विधायक और उनकी ही पार्टी के नेता एक दूसरे की शिकायतें करते घूम रहे है। गहलोत का कहना है कि भाजपा सरकार के दो साल में जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का भी हनन हुआ है। शिक्षा क्षेत्र के योग्यताधारी बेरोजगारों के विरोध प्रदर्शनों पर भाजपा सरकार ने कई बार लाठीचार्ज करवाया। भाजपा शासन में पूर्ण शराबबंदी और मजबूत लोकायुक्त बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन करने वाले पूर्व विधायक गुरुशरण छाबड़ा की अनशन के दौरान ही मौत होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में सरकार ने असंवेदनशील रवैया अपनाया।

गहलोत ने दूसरी वर्षगांठ के जश्न के आयोजन को फिजूलखर्ची करार दिया। उनका कहना है कि दो साल में सरकार ने कुछ किया ही नहीं तो फिर जश्न किस मतलब का। इस पूरे आयोजन पर सरकारी धन खर्च होगा जो जनता को ही भुगतना पडेÞगा। इस सबके बावजूद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को कोई परवाह ही नहीं है। इसकी सब तरफ आलोचना हो रही है और जनता में भारी नाराजगी पनप रही है। गहलोत का आरोप है कि वसुंधरा राजे सादगी का सिर्फ दिखावा करती है। जनता में उनके शाही तरीके अपनाने को लेकर खासी नाराजगी है।

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