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फोन टेपिंग और भ्रष्टाचार पर गहलोत ने वसुंधरा सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वसुंधरा राजे सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला करने से भाजपा सकते में आ गई है। गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार नेताओं और अफसरों के फोन टेप करवा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वसुंधरा राजे सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला करने से भाजपा सकते में आ गई है। गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार नेताओं और अफसरों के फोन टेप करवा रही है। इसके चलते नौकरशाही और भाजपा नेताओं में ही अविश्वास का माहौल पनप गया है। इस हालत में प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ने के साथ ही विकास भी थम गया है। संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने आरोपों को गलत करार देते हुए कहा कि गहलोत की कांग्रेस में पूछ घट गई है। इसलिए सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।

राज्य में दो साल पुरानी भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने जोरदार तरीके से घेर कर कठघरे में खड़ा कर दिया है। गहलोत का कहना है कि प्रदेश में चारों तरफ भ्रष्टाचार फैला हुआ है और हिस्सा ऊपर तक पहुंचता है। राजधानी जयपुर के तीन बडे महकमे कलेक्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर और जयपुर विकास प्राधिकरण में बगैर पैसे दिए कोई काम जनता का नहीं हो रहा है। गहलोत का कहना है कि राजधानी के ही जब यह हालात हैं तो जिलों में तो भ्रष्टाचार चरम पर है। जयपुर में कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और जेडीए आयुक्त के भ्रष्टाचार की तो जांच होनी चाहिए।

पूर्व के शासन में ललित मोदी के भ्रष्टाचार के कारण वसुंधरा राजे को अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उस दौरान उन्हें चेताया भी गया था पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इस बार जयपुर के तीन आला अफसरों का भ्रष्टाचार राजे को ले बैठेगा। जयपुर के इस भ्रष्टाचार की जानकारी आम जनता को खूब है। इसलिए ऐसा नहीं हो सकता कि मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी नहीं हो। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नगरीय विकास मंत्री राजपाल सिंह खुद जेडीए को जयपुर डाकू एसोसिएशन कह चुके हैं। इसके अलावा गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री राजे की मौजूदगी में एक बैठक में जयपुर पुलिस को जमीनों के धंधे से दूर रह कर पुलिसिंग ही करने तक की हिदायत दी थी। इस सबके बावजूद मुखयमंत्री की चुप्पी आश्चर्यजनक है।

पूर्व मुखयमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पहली बार गैरकानूनी ढंग से मंत्रियों, अफसरों और नेताओं के फोन टेप कराए जा रहे हैं। इस मामले में जयपुर पुलिस की भूमिका को उन्होंने संदेह के घेरे में करार दिया। गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने गहलोत के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उन्हें इसका सबूत देना चाहिए। इस पर गहलोत का कहना है कि हो सकता है कि गृह मंत्री का भी फोन टेप हो रहा हो। गहलोत सरकार में गृह मंत्री रहे शांति धारीवाल का कहना है कि उनका भी फोन टेप हो रहा है। गहलोत ने नगरीय विकास विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार के खोल की कई जानकारियां सरकारी दस्तावेजों के आधार पर ही खोली।

उनका कहना था कि अधिग्रहित भूमि के बदले मुआवजे में दी जा रही महंगी जमीनों के जरिए और क ालोनियों के नियमन शिविर के मामले में भ्रष्टाचार का खोल खोला जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के तीखे आरोपों के बाद प्रदेश भाजपा में भी हडकंप मच गया है। भाजपा के कई विधायकों और नेताओं ने अब जयपुर समेत प्रदेश में नौकरशाही के जरिए हो रहे भ्रष्टाचार के मामले केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने शुरू कर दिए हैं।

प्रदेश भाजपा के नाखुश खेमे ने आरोपों को लेकर सरकार की हुई किरकिरी की जानकारी भी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंचाई है। सरकार पर लगे आरोपों की सफाई संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने दी। उनका कहना है कि कांग्रेस में गहलोत की अब चल नहीं रही है। गहलोत को सचिन पायलट और राहुल गांधी कोई भाव नहीं दे रहे हैं। इसके चलते ही सुर्खियों में बने रहने के लिए गहलोत आरोप लगा रहे हैं।

 

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