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आसाराम के खिलाफ ‘ऑडियो टेप’ पुलिस के हाथ लगा

नाबालिग के साथ दुराचार के आरोप में जेल में बंद आसाराम के खिलाफ पुलिस को एक ऑडियो टेप मिला है जिसमें आसाराम को इस प्रकरण में गवाह रहे कृपाल सिंह...

Author July 21, 2015 9:30 PM
आसाराम। (फाइल फोटो)

नाबालिग के साथ दुराचार के आरोप में जेल में बंद आसाराम के खिलाफ पुलिस को एक ऑडियो टेप मिला है जिसमें आसाराम को इस प्रकरण में गवाह रहे कृपाल सिंह को घूस की पेशकश करते सुना जा रहा है जिसकी हाल में हत्या कर दी गयी थी।

यह टेप पीड़िता के पिता की तरफ से शाहजहांपुर पुलिस को सौंपा गया है जिसने कहा है कि यह टेप हाल ही में हत्या का शिकार हुए कृपाल सिंह ने उसे सौंपा था और इसमें 15 मिनट की बातचीत दर्ज है।

शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया, ’’पीडिता के पिता ने एक 15 मिनट टेप की ओडियो क्लिप दी है जिसमें दावा किया गया है कि आसाराम कृपाल सिंह को मुंह बंद रखने के लिए कह रहे है और इतना ही नहीं वह गवाह को खरीदने की भी कोशिश कर रहे है।’’

उन्होंने कहा कि टेप की सत्यता जांचने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है और यदि टेप की सत्यता की पुष्टि हो गयी तो इसे जांच का हिस्सा बनाया जायेगा। टेप की आवाज का मिलान पहले रिकार्ड की गयी आसाराम की आवाज से किया जायेगा।

पीड़िता के पिता का दावा है कि यह विवादास्पद बातचीत आठ माह पहले रिकॉर्ड की गयी थी। इस ऑडियो क्लिप में आसाराम गवाह कृपाल सिंह को धमकाने और ललचाने के अंदाज में कहा रहा है कि उसे मोटी रकम मिलेगी। आधा पैसा एडवांस में मिल जायेगा, बाकी रकम काम होने के बाद दी जायेगी।

पुलिस के अनुसार, कृपाल से बातचीत के लिए आसाराम के दो गुर्गो राघव और संजय ने कोशिश की थी। इन लोगों ने कृपाल सिंह की आसाराम से बातचीत भी करवाई थी। कृपाल सिंह के परिजनों ने राघव व संजय पर ही कृपाल की हत्या का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि दस जुलाई को शाहजहांपुर में गवाह कृपाल सिंह को बाइक सवारों ने गोली मार दी थी जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। कृपाल सिंह की हत्या के बाद 16 वर्षीय पीड़िता ने सारे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। उसने कहा था,’’मैं प्रधानमंत्री से इस मामले में मेरे साथ न्याय के लिए सीबीआई जांच की मांग करती हूं।’’

कृपाल की इस प्रकरण में हत्या से दो महीने पहले जोधपुर की एक अदालत ने बयान दर्ज किया था। यह पूछने पर कि उसने बातचीत का टेप पुलिस अथवा अदालत को पहले क्यों नहीं दिया, पीडिता के पिता ने कहा,’’मैं नहीं समझता था कि यह इस मामले में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल हो सकता है। गवाह कृपाल की हत्या के बाद जब जांच के सिलसिले में बरेली के डीआईजी आर के एस राठौर मेरे घर आये तब मैंने उन्हें इस टेप के बारे में बताया। तो उन्होंने इसे पुलिस को सौंपने को कहा ताकि इसे जांच में साक्ष्य के रूप में शामिल किया सके।’’

इस बीच, इस मामले में एक और अहम गवाह सरस्वती शिशु इंटर कालेज, शाहजहांपुर के प्रधानाचार्य अरविंद बाजपेयी की सुरक्षा में एक गनर की तैनाती कर दी गयी है,जिनके द्वारा जारी टीसी पर आसाराम के दुराचार का शिकार हुई लडकी को नाबालिग माना गया था।

सितंबर 2013 से जोधपुर जेल में बंद आसाराम के रसोइए की भी इसी साल जनवरी में मुजफ्फरनगर में हत्या कर दी गयी थी।

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