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बीजेपी सांसद की ओवैसी को सलाह- कहीं और जीत नहीं सकते, पाकिस्तान-बांग्लादेश में जाकर बना लें पार्टी

बीजेपी सांसद विनय कटियार ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को सलाह दी है कि वह कहीं और जीत नहीं सकते हैं इसलिए पाकिस्तान और बांग्लादेश में जाकर पार्टी बना लें।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी। (FILE PHOTO)

बीजेपी सांसद विनय कटियार ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को सलाह दी है कि वह कहीं और जीत नहीं सकते हैं इसलिए पाकिस्तान और बांग्लादेश में जाकर पार्टी बना लें। विनय कटियार ने यह राय उस वक्त दी जब असदुद्दीन ओवैसी की तरफ से भाजपा को लेकर दिए गए बयानों के संबंध में पत्रकार ने उनसे प्रतिक्रिया लेनी चाही। विनय कटियार ने कहा- ”ओवैसी चाहे जितनी कोशिश कर लें, वो अपने क्षेत्र से जीत के आते हैं, उनकी आबादी वहां है अधिक, इसके अलावा तो कहीं है नहीं, तो वो और कहीं जीत सकते नहीं, उनका कहीं प्रभाव बढ़ नहीं रहा, इसलिए वो व्याकुल हैं बार-बार इस प्रकार का बोलने के लिए, उनके पास और कोई विषय नहीं है, तो वो अच्छा होता बांग्लादेश चले जाएं, वहां पार्टी बना लें, या पाकिस्तान चले जाएं, वहां पार्टी बना लें तो शायद कुछ जीत जाएं, कुछ सीटें वो पा जाएं, इसके अलावा कुछ नहीं है।”

पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि आपका कहना है कि ओवैसी को पार्टी का विस्तार पाकिस्तान और बांग्लादेश में जाकर करना चाहिए? इस पर विनय कटियार ने कहा- ”ट्राई करना चाहिए, ट्राई करने में क्या बुराई है, जा के देख लें वहां भी जा करके, ट्राई करें, ट्राई करेंगे तो उनको कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है, उसके आधार पर निर्णय करें वो।” विनय कटिया की बात का वीडियो न्यूज तक के यूट्यूब पेज पर शेयर किया गया है। करीब एक मिनट के वीडियो में वह असदुद्दीन ओवैसी पर चुटकी लेते हुए दिखाई देते हैं।

बता दें कि हाल ही में असदुद्दीन ओवैसी ने सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के असम में दिए गए एक बयान को लेकर आपत्ति जताई थी और उन्हें नसीहत तक दी थी कि वह राजनीतिक मामलों में दखल न दें। जनरल बिपिन रावत ने असम में उत्तर पूर्व के मुद्दे पर डीआरडीओ की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम कहा था कि राज्य में मौलाना बदरुद्दीन अजमल की पार्टी का विस्तार बीजेपी के मुकाबले तेजी से हुआ है। इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा था- क्या सेना प्रमुख को राजनीतिक मामलों में दखल देना चाहिए, पार्टी के बढ़ने पर उनका काम बयान देने का नहीं है। लोकतंत्र और संविधान यह लागू करता है कि सेना हमेशा चुने गए नागरिक नेतृत्व के अंतर्गत काम करेगी।” वहीं मौलाना बदरुद्दीन ने कहा था कि सेना प्रमुख के बयान से धक्का लगा।

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