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ओवैसी का उप्र में भी नहीं चलेगा कोई दांव: अंसारी

अफजल अंसारी ने एआईएमआईएम के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी को मीडिया द्वारा बनाया गया मुस्लिम नेता करार देते हुए कहा कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव..

Author बलिया | Updated: December 3, 2015 12:21 AM
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पूर्वी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं में विशेष प्रभाव रखने वाले कौमी एकता दल के अध्यक्ष अफजल अंसारी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी को मीडिया द्वारा बनाया गया मुस्लिम नेता करार देते हुए बुधवार को कहा कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी ओवैसी का दांव नहीं चल पाएगा।

अंसारी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि बिहार में हाल में सम्पन्न विधानसभा चुनाव में ओवैसी ने सीमांचल के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने छह उम्मीदवार उतारे थे लेकिन भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिये उठाये गये इस कदम को जनता ने नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी ओवैसी का बिहार जैसा ही हश्र होगा।

उन्होंने कहा कि ओवैसी चाहे कितना भी जहर उगल लें और मीडिया में जितनी भी सुर्खियां बटोर लें लेकिन वह मुसलमानों का विश्वास हासिल नहीं कर पाएंगे। वह मीडिया द्वारा ‘प्रोजेक्ट’ किये गये नेता हैं, जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बिहार में भाजपा के पक्ष में हिन्दू मतों का ध्रुवीकरण करने के लिये चुनाव मैदान में कूदने के कदम से ओवैसी की कलई खुल गयी है।

बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी भाजपा से लड़ने के लिये महागठबंधन की सम्भावनाओं पर अंसारी ने कहा कि अपने राजनीतिक हितों के लिये बिहार में राष्ट्रीय जनता दल मुखिया लालू प्रसाद यादव और जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने हाथ मिला लिये लेकिन उत्तर प्रदेश में हालात अलग हैं। इस राज्य में सपा और बसपा के बीच व्यक्तिगत स्तर पर इस कदर परस्पर विरोध है कि दोनों का गठबंधन लगभग असम्भव है। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर बसपा मुखिया मायावती चाहें तो वह भाजपा को रोकने के लिये क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर एक मोर्चा बना सकती हैं।

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