ताज़ा खबर
 

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की फोटोग्राफी पर रोक, कांग्रेस नेता बोले- आपदाजीवी, क्या राज छिपा रहे हैं?

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सेंट्रल विस्टा साइट पर बैरिकेडिंग और पोस्टरों की कुछ तस्वीरें डाली हैं। इनमें इसे उच्च सुरक्षा वाला प्रतिबंधित क्षेत्र बताते हुए अनाधिकृत प्रवेश निषिद्ध करने की बात कही गई है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: May 12, 2021 3:27 PM
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरेजावाला ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की साइट पर लगे बोर्ड्स की तस्वीर पोस्ट की हैं। (फोटो- ट्विटर/Randeep Surjewala)

केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर शुरुआत से ही सवालों की झड़ी लगी है। खासकर कोरोना के बढ़ते केसों के बीच तो विपक्षी दल अब इस प्रोजेक्ट पर खर्च की जा रही धनराशि पर भी सवाल उठा रहे हैं और इसे स्वास्थ्य सेवाओं में खर्च करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया में प्रोजेक्ट साइट की फोटो को श्मसान घाट की तस्वीरों के साथ दिखाया जा रहा है। इस बीच सेंट्रल विस्टा की साइट पर अब फोटोग्राफी और वीडियो ग्राफी बैन होने के पोस्टर लग गए हैं। साथ ही निर्माण वाली साइट पर जाने पर भी प्रतिबंध लग गया है। कांग्रेस ने बुधवार को इसे लेकर सवाल पूछे।

क्या लिखा है साइट पर मौजूद पोस्टरों में?: सेंट्रल विस्टा साइट पर बैरिकेडिंग के साथ कुछ पोस्टर लगे हैं। इनमें इसे उच्च सुरक्षा वाला प्रतिबंधित क्षेत्र बताते हुए अनाधिकृत प्रवेश निषिद्ध करने की बात कही गई है। साथ ही सिर्फ स्टाफ को ही अंदर जाने की छूट दी गई। पोस्टर में लगी चेतावनी के मुताबिक, बाकी लोग प्रोजेक्ट इंचार्ज की मंजूरी से ही अंदर जा सकते हैं।

इस पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने फोटो पोस्ट कर सवाल उठाया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “आपदाजीवी जी, आपके PM निवास और 13,450 करोड़ रुपए के राजमहल यानी सेंट्रल विस्टा परियोजना की फ़ोटो एवं वीडियोग्राफ़ी पर प्रतिबंध क्यों? क्या राज है, जो छिपा रहे हो?” सुरजेवाला ने ट्वीट में #CentralVistaNotAnEssential (सेंट्रल विस्टा जरूरी नहीं) हैशटैग भी इस्तेमाल किया है।

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हुई है प्रोजेक्ट के खिलाफ याचिका: बता दें कि केंद्र सरकार के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर कांग्रेस के बाद शिवसेना ने भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, सरकार इन्हें नजरअंदाज कर परियोजना को आगे बढ़ा रही है। हाल ही में प्रोजेक्ट को रोकने की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल हुई। इस पर केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के बढ़ते मामलों के बीच यहां सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका इस परियोजना को रोकने की एक और कोशिश है, जिसे शुरू से ही बाधित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि यदि परियोजना को महामारी के दौरान जारी रहने की अनुमति दी गई तो इससे काफी संक्रमण फैल सकता है। उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष कहा कि ‘चरमराती’ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और निर्माण स्थल पर कार्यरत श्रमिकों का जीवन जोखिम में होने के मद्देनजर परियोजना का जारी रहना चिंता का विषय है।

क्या है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट?: सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत एक नए संसद भवन, एक नए आवासीय परिसर के निर्माण की परिकल्पना की गई है जिसमें प्रधानमंत्री और उप-राष्ट्रपति के आवास के साथ-साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है।

Next Stories
1 धूल फांक रहे वेंटिलेटर, भाजपा विधायक बोले- लोगों को इलाज नहीं मिला तो कर लूंगा आत्मदाह
2 शिवसेना ने कहा- राहुल कांग्रेस के सेनापति, मोदी सरकार पर उनका हमला सटीक, उनके सुझाव मानने पर मजबूर होता है केंद्र
3 दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसानों ने कर ली कोरोना के खिलाफ लड़ाई की तैयारी, डॉक्टर से लेकर ऑक्सीजन तक का इंतजाम
आज का राशिफल
X