दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से हजारों मरीजों की जान जोख़िम में, ब्लैकमार्केटिंग भी शुरू, यहां फ्री में मिल रही

दिल्ली के बड़े अस्पतालों में सैकड़ों मरीज भर्ती, वहीं छोटे अस्पतालों में कम मरीज के बावजूद ऑक्सीजन की सप्लाई ठप।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: April 22, 2021 12:43 PM
Delhi, Oxygen Cylinder, Coronavirusऑक्सीजन सिलेंडरों को लेकर देशभर में मची है मारामारी। (फोटो- PTI)

भारत में कोरोनावायरस के केस बढ़ने के साथ अब तक कई राज्य केंद्र सरकार के सामने ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा उठा चुके हैं। तेज फैसले लेते हुए केंद्र ने भी सभी उद्योगों की ऑक्सीजन चिकित्सा जरूरतों के लिए देने के आदेश जारी किए हैं। इसके बावजूद बाकी राज्यों को छोड़िए राजधानी दिल्ली के अस्पतालों की हालत नहीं सुधर सकी है। यहां करीब 1100 मरीजों की जान ऑक्सीजन की कमी की वजह से खतरे में है।

दिल्ली के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार राजीव गांधी सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल तक में ऑक्सीजन की भारी किल्लत पैदा हो गई है। आलम यह है कि अस्पताल के पास सिर्फ कुछ घंटो की ऑक्सीजन सप्लाई ही बची है। दिल्ली सरकार का कहना है कि राजीव गांधी अस्पताल के पास कुछ ही घंटों की ऑक्सीजन बची है। इस अस्पताल में हर दिन 5-6 टन ऑक्सीजन लगती है और अभी यहां 900 मरीज भर्ती हैं।

बता दें कि केंद्र सरकार पहले ही दिल्ली के ऑक्सीजन कोटा को बढ़ा चुका है। इसके बावजूद कुछ अन्य अस्पताल भी ऑक्सीजन की कमी की शिकायत कर रहे हैं। इनमें माता नचचन देवी अस्पताल भी है, जहां कोरोना के 200 मरीज भर्ती हैं और उन्हें ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा जरूरत है। लेकिन अस्पताल के पास रिजर्व ऑक्सीजन का भी स्टॉक नहीं बचा है।

माता चनन देवी अस्पताल लगातार सप्लायर्स और अधिकारियों से ऑक्सीजन सप्लाई भेजने की गुहार लगा रहा है, लेकिन गुरुवार सुबह तक भी यहां ऑक्सीजन का संकट बना रहा। इन दोनों अस्पतालों के अलावा रोहिणी इलाके में मौजूद सरोज अस्पताल की हालत भी खराब है। यहां कुछ घंटों की ऑक्सीजन ही बची है। इस अस्पताल को हर दिन 2700 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है। फिलहाल यहां 130 कोविड मरीज भर्ती हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने ने हाल ही में दिल्ली को प्रतिदिन दी जाने वाली ऑक्सीजन का कोटा 378 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 480 मीट्रिक टन कर दिया है। इसके बावजूद इस सप्लाई को दिल्ली तक पहुंचने में कई दिनों का समय लगने की आशंका है, जिससे मरीजों को बचाने का संकट पैदा हो गया है।

कहीं ब्लैक मार्केटिंग, तो कहीं मुफ्त मिल रहा सिलेंडर: राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी कमी की वजह से अब ऑक्सीजन सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग भी शुरू हो चुकी है। कई जगहों पर सिलेंडर को एमआरपी से ज्यादा दामों पर बेचा जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली में एक जगह ऐसी भी है, जहां पर लोगों को फ्री में ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। ये जगह मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित है, जहां पर ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग की जा रही है और लोगों को फ्री में ऑक्सीजन बांटी जा रही है।

यहां पर दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में ऑक्सीजन लोगों को दी जा रही है। कुछ अस्पतालों को भी ऑक्सीजन के स्टॉक उपलब्ध कराए गए हैं। इस ऑक्सीजन प्लांट के मालिक अभिषेक गुप्ता का कहना है कि दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी है। साथ ही लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत भी है। इसलिए हमने फ्री में ऑक्सीजन बांटने का निर्णय लिया, जिसमें दिल्ली सरकार भी हमारी मदद कर रही है।

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