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कोरोना से जंग: इन आंकड़ों से पहली बार दिख रही उम्मीद की किरण, पर जीत अभी दूर, रहिए सतर्क

17 सितंबर को देश में सबसे ज्यादा 10.17 लाख एक्टिव केस थे, हालांकि अब देश में एक्टिव मरीजों की संख्या 9.66 लाख ही रह गई है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: September 25, 2020 11:16 AM
Corona Virus, Covid-19केंद्र सरकार ने कोरोना के केसों को कम करने के लिए राज्यों को टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

भारत में कोरोनावायरस संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। अब तक देशभर में कोरोना के 57 लाख के करीब केस आ चुके हैं। इसके अलावा 90 हजार से ज्यादा लोग कोरोना से जान भी गंवा चुके हैं। हालांकि, एक सुकून देने वाली खबर यह है कि देश में अब एक्टिव केसों की संख्या तेजी से घट रही है। आंकड़ों की मानें तो बुधवार लगातार छठा दिन था, जब संक्रमण मुक्त होने वाले मरीजों की संख्या नए पॉजिटिव पाए गए लोगों से ज्यादा रही। इससे पहले भारत में एक दिन से ज्यादा कभी ऐसा नहीं हुआ था और तब भी डेटा जुटाने में गड़बड़ी को ही इसकी वजह माना जाता रहा है।

हालांकि, अब देश में पहली बार एक्टिव केसों के घटने का ट्रेंड शुरू हुआ है। 17 सितंबर को देश में सबसे ज्यादा 10.17 लाख एक्टिव केस थे, हालांकि अब देश में एक्टिव मरीजों की संख्या 9.66 लाख ही रह गई है। बता दें कि किसी महामारी के फैलने में एक्टिव केसों की भूमिका होती है, क्योंकि वे ही दूसरों को बीमारी दे सकते हैं। साथ ही सिर्फ एक्टिव केसों को ही मेडिकल जांच और देखरेख की जरूरत होती है। यानी एक्टिव केसों के घटने से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला बोझ भी कम हुआ है। हालांकि, एक्टिव केसों के घटने का फायदा हफ्ते भर तक जारी रखने के बाद ही असर दिखाएगा।

इस बीच भारत में कोरोना की प्रजनन दर यानी रिप्रोडक्शन नंबर (R-वैल्यू) पहली बार 1 के नीचे आई है। R-वैल्यू वह संख्या है, जितने लोगों को एक कोरोना पीड़ित व्यक्ति औसतन संक्रमित कर सकता है। यानी अगर R-वैल्यू 1 के ऊपर है, तो इसका मतलब कोई व्यक्ति एक से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर सकता है, जबकि अगर यह वैल्यू 1 से नीचे है, तो मतलब है कि कोई व्यक्ति कम से कम लोगों को संक्रमित कर रहा है।

चेन्नई के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की रिसर्चर सीताभ्रा सिन्हा की टीम के मुताबिक, भारत में इस वक्त R-वैल्यू 0.93 पर है। यानी देश में 100 लोग सिर्फ 93 लोगों को ही कोरोना फैला रहे हैं। R-वैल्यू भी कोरोना की घटते प्रसार दर का अहम मानक है।

जिन राज्यों में R-वैल्यू तेजी से घट रही है, उनमें कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य सबसे ऊपर हैं। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र में 17 सितंबर को कोरोना के सबसे ज्यादा 3 लाख से ज्यादा एक्टिव केस थे, लेकिन अब इनकी संख्या 2.73 लाख तक नीचे आ गई है। वहीं महाराष्ट्र में R-वैल्यू भी 0.86 है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 9 सितंबर को सबसे ज्यादा 1 लाख एक्टिव केस थे, पर अब यहां भी 70 हजार एक्टिव केस ही हैं। आंध्र में भी R-वैल्यू 0.80 पर आ गई है।

इतना ही नहीं पिछले दो हफ्तों में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य- महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में कोरोना के नए केसों से ज्यादा रिकवरी हो रही हैं। इसी के चलते सभी में एक्टिव केसों की संख्या घट रही है। आंध्र प्रदेश में तो एक्टिव केसों की संख्या 10 फीसदी तक गिर चुकी है।

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