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ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में मुसलमानों से बोले ओवैसी- एक हो जाओगे तो कोई कुछ नहीं कर सकेगा

सीमांचल की 6 सीटों पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्‍तहादुल मुसलिमीन (AIMIM) चुनाव लड़ रही है। मुस्लिम बहुल होने के बाद भी इन सीटों पर जीत दर्ज करना ओवैसी के लिए आसान नहीं है।

किशनगंज में रैली को संबोधित करते असदुद्दीन ओवैसी। इंडियन एक्‍सप्रेस फोटो- मुजामिल जलील

किशनगंज के मंझोक में रात के समय असदुद्दीन ओवैसी ने रैली को संबोधित करते हुए बताया कि मेरठ में कैसे एक मुस्लिम महिला के शव को कब्र से बाहर निकाला गया और उसे अपमानित किया गया। उन्‍होंने कहा, ‘मुझे बताओ इसके खिलाफ कौन आवाज उठाएगा?’ रैली में मौजूद भीड़ शांत हो गई, बहुत से लोगों की आंखों में आंसू छलक आए। ओवैसी बोले, ‘तुम्‍हें एक होना होगा। जब ऐसा होगा, तब तक कोई कुछ नहीं कर सकेगा। यह हमारा देश है। हम यहां 50, 60, 100, 200 साल से नहीं हैं। ये हमारे पुरखों की धरती है, इसलिए आपको अपनी पार्टी में शामिल होना होगा, तभी आप अपने लोगों के लिए कुछ कर सकेंगे।’ इसके बाद ओवैसी चले गए।

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मंझोक गांव कोचाधामन विधानसभा सीट का गांव है, जो कि किशनगंज में अंतर्गत आती है। यह क्षेत्र अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे क्षेत्रों से लगता है कि जो कि बिहार का मुस्लिम बहुल इलाका है। ओवैसी यहां आए हैं, क्‍योंकि सीमांचल की 6 सीटों पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्‍तहादुल मुसलिमीन (AIMIM) चुनाव लड़ रही है। मुस्लिम बहुल होने के बाद भी इन सीटों पर जीत दर्ज करना ओवैसी के लिए आसान नहीं है। उनके लिए सबसे बड़ी मुश्किल है बंटे हुए मुस्लिम वोट। यहां मुस्लिम समुदाय जातियों में बंटा है और इस समस्‍या से पार पाना आसान नहीं है। फिर भी कोचाधामन और किशनगंज टाउन सीटों पर AIMIM का दावा मजबूत है।

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किशनगंज में इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स की दुकान चलाने वाले फारुख आजम ने कहा, ”नई पार्टी का आना अच्‍छी बात है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि हम ओवैसी के साथ जाना पसंद करेंगे। यहां पर बीजेपी और महागठबंधन के बीव सीधा मुकाबला है। हां, अगर वोट बंट गए तो बीजेपी की जीत सकती है। बिहार के बाकी क्षेत्रों से तुलना करें तो सीमांचल में मुस्लिम वोट बंटा हुआ है। यहां सबसे ज्‍यादा लोग सुरजापुरी हैं, जबकि शेराबादी, कुलहिया भी हैं। हम एकजुट होने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।” भले ही आजम ऐसा कह रहे हैं, लेकिन वह भी जानते हैं कि मुस्लिमों का एकजुट होना इतना आसान नहीं है। खुद ओवैसी भी इस बात को समझते हैं, यही कारण है कि वह दादरी की घटना का जिक्र कर रहे हैं।

ओवैसी कहते हैं, ”क्‍या आप जानते हैं दादरी में क्‍या हुआ? एक आदमी जिसका नाम अखलाक था, उसे इसलिए मार दिया गया, क्‍योंकि उसके घर में गौमांस पकाए जाने का शक था। वह अपने घर पर सो रहा था, तभी वो लोग आए और ईंटों से मारकर उसकी हत्‍या कर दी। अखलाक कौन था, उसका बेटा इंडियन एयर फोर्स में है। उस वक्‍त वह घर से दूर आसमान में देश की सुरक्षा में लगा था।” इसके बाद ओवैसी पीएम को का जिक्र करते हैं। ओवैसी आगे कहते हैं- ”आपको इन लोगों को रोकना होगा। आप इस देश के प्रधानमंत्री हैं, आरएसएस या बीजेपी के नहीं। आप उस देश के प्रधानमंत्री हैं, जिसमें 17 करोड़ मुस्लिम रहते हैं। मैं अखलाक की मां से मिलने गया था। उन्‍होंने कहा कि जाओ मेरे बेटे के हत्‍याओं से लड़ो। मैं आपके पास आया हूं, मुझे अखलाक की मां की बातें याद हैं। हमें इन दंगाइयों से लड़ना ही होगा।

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