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Swami Agnivesh Death News: नहीं रहे स्वामी अग्निवेश, लिवर सिरोसिस से हारे, हृदयाघात ने रोक दी सांस

कई दिन से स्वामी अग्निवेश वेंटिलेटरी सपोर्ट पर थे। शुक्रवार 11 सितंबर को उनकी हालत बिगड़ गई। शाम 6:00 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट आ गया। ILBS के निदेशक डॉक्टर शिव सरीन ने 11 सितंबर 6.45 बजे घोषित किया कि हमारे सबसे प्रिय और सबसे अच्छे दोस्त अब नहीं रहे।

1977 में वह हरियाणा विधासनभा में विधायक चुने गए।

Swami Agnivesh Death News: जाने-माने आर्य समाजी नेता स्वामी अग्निवेश ने आज यानी 11 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायिलरी साइंसेज में अंतिम सांस ली। वह लिवर सिरोसिस से पीड़ित थे और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण मंगलवार से ही वेंटिलेटर पर थे। शुक्रवार 11 सितंबर को उनकी हालत बिगड़ गई। शाम 6:00 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट आ गया। ILBS के निदेशक डॉक्टर शिव सरीन ने 11 सितंबर 6.45 बजे घोषित किया कि हमारे सबसे प्रिय और सबसे अच्छे दोस्त अब नहीं रहे। स्वामी अग्निवेश का अंतिम संस्कार 12 सितंबर को शाम चार बजे बहलपा, गुरुग्राम में होगा।

अक्सर चर्चा में रहने वाले और समाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने वाले स्वामी अग्निवेश ने 1970 में आर्य सभा नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी। 1977 में वह हरियाणा विधासनभा में विधायक चुने गए। वह हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे। 1981 में उन्होंने बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन की स्थापना भी की। स्वामी अग्निवेश ने कन्या भ्रूण हत्या और महिलाओं की मुक्ति जैसे कई समाज सुधार आंदोलन भी चलाए हैं। वे जन लोकपाल विधेयक को लागू करने के लिए 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन के प्रमुख सहयोगी भी रहे थे। हालांकि, बाद में मतभेदों के चलते वह इस आंदोलन से दूर हो गए थे। स्वामी अग्निवेश ने रियलिटी शो बिग बॉस में भी हिस्सा लिया था। वह 8 से 11 नवंबर के दौरान तीन दिन के लिए बिग बॉस के घर में भी रहे।

बंधुआ मुक्ति मोर्चा के पूर्व महासचिव और सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के सचिव विट्ठल राव आर्य ने बताया, ‘ILBS के निदेशक डॉ. शिव सरीन ने शाम 6.30 बजे कहा कि हमारे सबसे प्रिय और सबसे अच्छे दोस्त अब नहीं रहे। उनके पार्थिव शरीर को 12 सितंबर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अंतिम श्रद्धांजलि के लिए जंतर-मंतर रोड स्थित कार्यालय में रखा जाएगा।

हम अपने सभी मित्रों से अनुरोध करते हैं कि कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करें। उनका अंतिम संस्कार 12 सितंबर को शाम 4 बजे गुरुग्राम के अग्निलोक आश्रम, बहलपा में होगा। स्वामी अग्निवेश का जन्म 21 सितंबर 1939 आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में हुआ था। जब वह चार साल के थे तो उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। उनका लालन-पालन उनके नाना ने किया जो कि तत्कालीन रियासत ‘शक्ति’ के दिवान थे।

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