ताज़ा खबर
 

जंग से खफा ‘आप’ सरकार ने केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच चल रहा टकराव विकट सियासी जंग में बदल गया है। सोमवार को दिल्ली की आप सरकार ने बागी रंग दिखाते हुए आला नौकरशाह अनिंदो मजूमदार के कमरे पर ताला जड़ दिया और वरिष्ठ नौकरशाह और केजरीवाल के चहेते राजेंद्र कुमार को इस पद पर तैनात कर दिया गया जिसे उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया।

Author May 19, 2015 12:23 PM
दिल्ली सरकार ने मीना को सूचित किया कि वह एसीबी से नहीं जुड़ सकते क्योंकि इस जांच एजेंसी में अनुमोदित संयुक्त आयुक्त का पद नहीं है

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच चल रहा टकराव विकट सियासी जंग में बदल गया है। सोमवार को दिल्ली की आप सरकार ने बागी रंग दिखाते हुए आला नौकरशाह अनिंदो मजूमदार के कमरे पर ताला जड़ दिया और वरिष्ठ नौकरशाह और केजरीवाल के चहेते राजेंद्र कुमार को इस पद पर तैनात कर दिया गया जिसे उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया।

केंद्र ने इस नियुक्ति को ‘अवैध’ घोषित कर दिया है। इस बीच विवाद का केंद्र रहीं कार्यवाहक मुख्य सचिव शकुंतला गैमलिन ने केंद्रीय गृह सचिव एलसी गोयल से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी और गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (केंद्र शासित क्षेत्र) राकेश सिंह भी मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक के बारे में बार-बार पूछने पर गैमलिन चुप्पी साधे रहीं।

अरविंद केजरीवाल ने गैमलिन पर बिजली कंपनियों को मदद पहुंचाने के प्रयास का आरोप लगाया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि इस मामले को अरविंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाएंगे। इससे पहले राजेंद्र कुमार की नियुक्ति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जंग ने केजरीवाल को एक पत्र लिखा जिसमें मजूमदार के स्थान पर उनकी नियुक्ति को ‘अवैध’ ठहराया गया।

HOT DEALS
  • Honor 7X Blue 64GB memory
    ₹ 16699 MRP ₹ 16999 -2%
    ₹0 Cashback
  • Honor 9 Lite 64GB Glacier Grey
    ₹ 16999 MRP ₹ 17999 -6%
    ₹2000 Cashback

साथ ही साफ तौर पर कहा गया कि वरिष्ठ नौकरशाहों के तबादले और नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उनके पास है। यह पत्र जैसे ही मीडिया में पहुंचा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, हैरानी है कि एक संवैधानिक अधिकरण मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र उन तक पहुंचने से पहले ही लीक कर रहा है। क्या भारत के संविधान में इसकी इजाजत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराएंगे।

इससे पहले दिन में मजूमदार को दिल्ली सचिवालय में अपने कार्यालय पर ताला जड़ा मिला। सरकारी सूत्रों ने बताया कि कार्यालय पर ताला लगाने का आदेश मुख्यमंत्री के कार्यालय से आया है। उपराज्यपाल ने उसी शाम मजूमदार के तबादले को ‘अवैध’ करार दिया और कहा कि इस फैसले पर उनकी मंजूरी नहीं है। केजरीवाल को भेजे अपने पत्र में जंग ने कहा कि उन्होंने राजेंद्र कुमार की नियुक्ति को नामंजूर कर दिया है क्योंकि यह निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के खिलाफ है।

नया विवाद कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में गैमलिन की नियुक्ति पर शुरू हुआ था। इस विवाद ने सत्तारूढ़ आप और नजीब जंग के बीच टकराव को नया आयाम दे दिया। केजरीवाल ने गैमलिन पर 11 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के जरिए रिलायंस इंफ्रा की दो वितरण कंपनियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया था।

इसके साथ ही उन्होंने दावा किया था कि मोदी सरकार चाहती है कि आप सरकार ‘नाकाम’ रहे। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल प्रशासन पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके सहयोगी उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने तो भाजपा पर उपराज्यपाल के माध्यम से दिल्ली सरकार का तख्तापलट का आरोप लगाया।

असल में केजरीवाल के भारी विरोध के बावजूद जंग ने शुक्रवार को गैमलिन की पद पर नियुक्ति कर दी थी। शनिवार को मुख्यमंत्री ने उनसे नए पद का कार्यभार नहीं संभालने को कहा था। लेकिन गैमलिन ने उनके निर्देशों की अनदेखी करते हुए उपराज्यपाल के आदेश का पालन किया।

इस बीच केंद्र और केजरीवाल विवाद में भाकपा ने दिल्ली की आप सरकार का समर्थन किया और कहा कि केंद्र की राजग सरकार दिल्ली सरकार के अधिकार को कमतर करने के लिए उप राज्यपाल के कार्यालय का ‘औजार’ की तरह इस्तेमाल कर रही है।

पार्टी ने गैमलिन की नियुक्ति के फैसले को मोदी सरकार की ‘अधिनायकवादी’ प्रकृति का बिंब करार देते हुए कहा कि केंद्र को राज्यों के अधिकार क्षेत्र में घुसपैठ करने का कोई अधिकार नहीं है। पार्टी महासचिव सुधाकर रेड्डी ने एक बयान में कहा, केंद्र और राज्य सरकारों की शक्तियां संविधान प्रदत्त हैं और मोदी सरकार को इन प्रावधानों का उल्लंघन करने का कोई अधिकार नहीं है।

इस बीच प्रधान सचिव (सेवा) अनिंदो मजूमदार ने अपने दफ्तर को बंद किए जाने का मुद्दा गैमलिन के साथ उठाया। मजूमदार ने गैमलिन से उनके दफ्तर में मुलाकात की और उनके हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि गैमलिन ने उन्हें इस मुद्दे को देखने का आश्वासन दिया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App