AAP in Crisis: आम आदमी पार्टी राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के चलते बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है, और इसी बीच पार्टी को बड़ा झटका गुजरात से लगा है। यहां आम आदमी पार्टी के उपाध्यक्ष और किसान नेता सागर रबारी ने भी अरविंद केजरीवाल की परेशानियां बढ़ाते हुए पार्टी छोड़ ने का ऐलान कर दिया है। रबारी ने यह ऐलान अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए किया है।

बता दें कि पिछले हफ्ते ही आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने आप छोड़ते हुए बीजेपी में विलय का ऐलान किया था, जिसे राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया है। इनमें राघव चड्ढा से लेकर स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता का नाम शामिल है। ऐसे मे सागर रबारी का पार्टी छोड़ना केजरीवाल के लिए एक झटका है क्योंकि गुजरात में भी अगले साल के अंत में चुनाव है और गुजरात में केजरीवाल लगातार पार्टी के विस्तार के प्रयास कर रहे हैं।

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फेैसबुक पर लिखा पोस्ट (Image Source: Facebook )

फेसबुक पोस्ट पर किया पार्टी छोड़ने का ऐलान

गुजरात के बड़े आप नेता सागर रबारी अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा, “आज मैं यहाँ आम आदमी पार्टी के साथ अपनी यात्रा समाप्त कर रहा हूं। मैं पार्टी की सदस्यता, पद और ज़िम्मेदारियों से खुद को मुक्त कर रहा हूँ। सहयोग के लिए सभी साथियों का तहे दिल से शुक्रिया। निजी रिश्ते और दोस्ती गर्व के साथ बरकरार रहेंगे।”

क्या बीजेपी में जाएंगे सागर रबारी?

आप पार्टी छोड़ने और बीजेपी में जाने के सवालों पर सागर रबारी ने कहा कि वैचारिक रूप से हम शुरू से ही बीजपी के खिलाफ रहे हैं। रबारी ने मेरे ऊपर न तो कोई ऐसे मामले हैं और न ही कोई व्यावसायिक हित जिनके चलते कोई मुझे मजबूर कर सके। रबारी का कहना है कि वे नहीं चाहते थे कि पार्टी को कोई नुकसान हो, इसलिए मतदान के बाद इस्तीफा दिया। बता दें कि गुजरात में 26 अप्रैल को निकाय चुनावों को लेकर वोटिंग हुई थी।

कौन हैं सागर रबारी?

सागर रबारी के बारे में बता दें कि वे गुजरात में किसान एकता मंच के संस्थापक ट्रस्टी हैं। वे 9 अगस्त, 2021 को आम आदमी पार्टी से जुड़े थे। उन्होंने तब अहमदाबाद स्थित पार्टी मुख्यालय में इसुदान गढ़वी और किशोर देसाई जैसे वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में आप की सदस्यता ली थी।

आम आदमी पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। किसान समुदाय में उनके बड़े दबदबे के कारण, ‘आप’ उन्हें किसान चेहरे के तौर पर पेश करती थी। उस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 5 सीटें जीती थीं और उसका वोट बैंक 13 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जबकि कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बीजेपी ने एकतफा जीत हासिल की थी।

राघव चड्ढा के AAP छोड़ BJP में शामिल होने के बाद 23 लाख इंस्टाग्राम फॉलोवर ने किया अनफॉलो

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने से दिल्ली के पॉलिटिकल गलियारों में हलचल मच गई थी। इसके एक दिन बाद ही ऐसा लगने लगा कि इस कदम से उनकी अपील (खासकर युवा दर्शकों के बीच) कम हो गई। राघव चड्ढा ने अकेले पाला नहीं बदला, वे अपने साथ AAP के छह राज्यसभा सांसद को भी साथ ले गए। पढ़िए पूरी खबर…