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कभी पीएम पर करते थे जमकर हमला, 11 महीने से केजरीवाल ने नहीं ट्वीट किया ‘मोदी’

आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अपने किसी भी ट्वीट में पीएम मोदी को उनके ट्विटर अकांउट पर 2017 व 2018 में अब तक कभी टैग नहीं किया है। साल 2016 में उन्होंने प्रधानमंत्री को आठ बार टैग किया था।
Author नई दिल्ली | February 15, 2018 13:59 pm
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (एक्सप्रेस फोटो)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जो कभी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले करते थे, अब एक शांत व्यक्ति हो गए हैं। केजरीवाल सरकार ने बुधवार को तीन साल पूरा कर लिया। केजरीवाल के ट्विटर पर 1.3 करोड़ फॉलोअर हैं। उन्होंने बीते 11 महीनों से एक भी बार मोदी शब्द ट्वीट नहीं किया है। उन्होंने मोदी का जिक्र करते हुए अपना पिछला ट्वीट 9 मार्च, 2017 को किया था। केजरीवाल ने 2016 में मोदी का जिक्र अपने ट्वीट में 124 बार व 2017 में 33 बार किया था। उन्होंने इन ट्वीट में प्रधानमंत्री पर हमला बोला था। पार्टी के नेताओं व राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मोदी को लेकर ट्वीट में यह बदलाव चुनावों में आप को हुए नुकसान के बाद किया गया है। केजरीवाल ने पहले के अपने ट्वीट्स में मोदी पर निशाना साधा था। इन ट्वीट्स में ‘मोदी ने दिल्ली में आपातकाल घोषित किया’, ‘तानाशाह मोदी सरकार’ और ‘क्या मोदी सरकार सेना विरोधी नहीं है’ आदि शामिल हैं।

मोदी को लेकर ट्वीट की वजह से आप को सबसे पहले पंजाब व गोवा, फिर दिल्ली के नगर निगम चुनावों व 2017 के राजौरी गार्डन के उपचुनाव में नुकसान हुआ। आप प्रमुख ने अपने किसी भी ट्वीट को मोदी को उनके ट्विटर अकांउट पर 2017 व 2018 में अब तक कभी टैग नहीं किया है। साल 2016 में उन्होंने प्रधानमंत्री को आठ बार टैग किया था। केजरीवाल ने यहां तक कि आप के जनवरी में 20 विधायकों को इस साल अयोग्य करार दिए जाने के दौरान प्रधानमंत्री पर निजी तौर पर हमले से परहेज किया। आप ने कहा कि उनके विधायकों को केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर अयोग्य करार दिया गया।

पार्टी के नेताओं व कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने आईएएनएस से कहा कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत है। एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने कहा कि यह ‘प्रबुद्ध फैसला’ बीते साल दिल्ली नगर निगम चुनावों में हार के बाद बुलाई गई बैठक में लिया गया। इन चुनावों में आप 48 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही और भाजपा ने 181 सीटों पर जीत दर्ज की। यह आप के लिए बड़ा झटका था, जिसने 2015 के विधानसभा चुनावों में 70 सीटों में से 67 पर जीत दर्ज की थी।

आप नेता ने कहा, “इससे (मोदी पर हमले) हमें कुछ हासिल नहीं हो रहा था और इसके बजाय हमने शासन पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया।” राजनीतिक विश्लेषक नीरजा चौधरी सहमति जताती हैं कि यह निश्चित तौर पर केजरीवाल की रणनीति में बदलाव है, जिससे उन्होंने मोदी पर निजी तौर पर हमला करना बंद कर दिया। उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट है कि आप ने मध्यम वर्ग का विश्वास खो दिया और यदि वे दिल्ली में बने रहना चाहते हैं तो उन्हें विश्वास फिर से हासिल करने की जरूरत है।”

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