देश और दुनिया में चल रहे आर्थिक दबावों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात सूत्रीय अपील को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। हैदराबाद की एक रैली में प्रधानमंत्री ने लोगों से संयमित जीवनशैली अपनाने की अपील की जिसमें विदेशी मुद्रा बचाने, पेट्रोल-डीजल का सोच-समझकर इस्तेमाल करने और एक साल तक सोने की खरीद से बचने जैसी बातें शामिल थीं। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर देश में ऐसी अपील की जा रही है तो सरकार को देश की आर्थिक स्थिति को लेकर पूरी पारदर्शिता रखनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि क्या यह किसी बड़े आर्थिक दबाव या संकट का संकेत है।

केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (X) पर कहा,”पीएम ने देश के सभी नागरिकों को खाने-पीने में कटौती करने की सलाह दी है, घूमने-फिरने और विदेश यात्राओं में कटौती करने की सलाह दी है तथा सोना और अन्य कीमती चीज़ें खरीदने में भी कटौती करने की सलाह दी है।”

केजरीवाल ने आगे कहा, ”क्या यह आर्थिक इमरजेंसी की आहट है? क्या देश भारी आर्थिक संकट में फँस गया है? ऐसा तो देश में पहले कभी नहीं हुआ। प्रधानमंत्री जी को देश के सामने सच्चाई रखनी चाहिए। आखिर देश की असली आर्थिक हालत क्या है?”

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को बताया- Compromised PM

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, सोना ना खरीदने वाली अपील पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता ने लिखा कि प्रधानमंत्री लोगों से सोना न खरीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने, खाद और खाने के तेल की खपत घटाने, मेट्रो से सफर करने और घर से काम करने जैसी सलाह दे रहे हैं।

अखिलेश यादव का बीजेपी पर बड़ा हमला

अखिलेश यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी की सात सूत्रीय अपील पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार द्वारा ‘नाकामी स्वीकार करने’ जैसी है। उन्होंने चुनाव के बाद इस अपील के समय पर भी सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को ‘संकट’ याद आ गया और असल संकट भाजपा खुद है।