ताज़ा खबर
 

ईवीएम हैकिंग: चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस पर अरविंद केजरीवाल ने कहा- सर, आपने कभी मशीनें दी ही नहीं!

ईवीएम हैकिंग को लेकर अरविंद केजरीवाल चुनाव आयोग के खिलाफ मुखर रहे हैं।
दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (फाइल)

चुनाव आयोग द्वारा इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को हैकिंग प्रूफ बताए जाने पर आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया व दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निशाना साधा है। मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त नसीम जैदी के बयान कि ‘ईवीएम से छेड़छाड़ की बात करने वाले शिकायतकर्ताओं ने कोई पुख्‍ता जानकारी नहीं मुहैया कराई।’ पर कहा कि ‘सर, आपने हमें कभी मशीनें नहीं मुहैया कराईं।’ आप ने निर्वाचन आयोग (ईसी) पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि आयोग ‘ईवीएम हैकाथॉन में देरी कर रहा है’। आप का यह आरोप निर्वाचन आयोग द्वारा किसी खास उम्मीदवार और पार्टी के पक्ष में इलैक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वीवीपैट्स से छेड़छाड़ की संभावना से जुड़ी आशंकाओं को दूर करने के लिए इनकी कार्य प्रणाली का प्रदर्शन किए जाने से कुछ घंटे पूर्व सामने आया है।

आप नेता संजय सिंह ने कहा कि लोगों के मन में ईवीएम से छेड़छाड़ से जुड़े कई प्रश्न हैं, जिनका जवाब दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा, “ईसी को एक हैकाथन का आयोजन करना चाहिए, जिसमें आप के विशेषज्ञ निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष यह साबित कर पाएं कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है।” सिंह ने पूछा, “मैं जानना चाहता हूं कि निर्वाचन आयोग किसके दबाव में ईवीएम हैकाथन कराने के वादे को पूरा करने में देर कर रहा है?” उन्होंने कहा कि 18 राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और निर्वाचन आयोग से मुलाकात करके ईवीएम के स्थान पर पेपर बैलट के प्रयोग की मांग की है।

निर्वाचन आयोग ने 12 मई को एक सर्वदलीय बैठक के बाद घोषणा की थी कि वह राजनीतिक दलों की चुनौती स्वीकार करते हुए उन्हें अपने इस दावे को साबित करने का मौका देगा कि फरवरी-मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम से छेड़छाड़ की गई थी या छेड़छाड़ की जा सकती है। आयोग ने साथ ही घोषणा की कि भविष्य में सभी चुनावों में वीवीपीएटी (वोटर वेरिफयेबल पेपर ऑडिट ट्रेल) का इस्तेमाल किया जाएगा।

अमेजॉन पर 1700 रुपये में बिक रही 'ईवीएम' मशीन किट:

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App