प्रशांत भूषण बोले- बेईमान है केजरीवाल, अपने फायदे के लिए मोदी से भी हाथ मिला सकते हैं

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर उनके पुराने साथी प्रशांत भूषण ने बेईमान होने का आरोप लगाया है।

prashant bhushan, arvind kejriwal, bhushan attack kejriwal, narendra modi, modi kejriwal alliance, kejriwal selfish, kejriwal dirty politics, aam aadmi party, aap
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर उनके पुराने साथी प्रशांत भूषण ने बेईमान होने का आरोप लगाया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर उनके पुराने साथी प्रशांत भूषण ने बेईमान होने का आरोप लगाया है। उन्‍होंने कहा कि केजरीवाल व्यक्तिगत हित के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी हाथ मिला सकते हैं। अमेरिका के निजी दौरे पर आए भूषण ने भारतीय-अमेरीकियों और भारतीयों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘वह (केजरीवाल) पूरे बेइमान हैं, जिस दिन उन्हें रास आए, वह मोदी से हाथ मिला लेंगे। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है।’ भूषण की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार के बीच पिछले एक साल से कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिला है।

पिछले साल आप से निकाले जाने के बाद योगेन्द्र यादव के साथ स्वराज अभियान की नींव रखने वाले भूषण ने कहा कि केजरीवाल के इस फितरत के बारे में उन्हें पहले पता नहीं चल पाया इसका उन्हें अफसोस है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मेरे और योगेन्द्र जैसे लोगों का इस्तेमाल विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए किया और इस दौरान उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आप के निर्णय लेने वाले निकायों में उनका बहुमत हो, ताकि वह अपने एजेंडे के साथ आगे बढ़ सकें।’’ एक सवाल के जवाब में भूषण ने आरोप लगाया कि केजरीवाल की दिलचस्पी भ्रष्टाचार से लड़ने में नहीं है।

आप विधायकों को लेकर भ्रष्टाचार के कई मामलों के बारे में सुने जाने का आरोप लगाते हुये भूषण ने कहा, ‘‘वह खुद के लिए जवाबदेही नहीं चाहते हैं। अरविंद का हाल मनमोहन सिंह जैसा ही है जिन्होंने खुद कभी रूपया नहीं लिया लेकिन अपने इर्द-गिर्द के लोगों को रूपया लेने की अनुमति दी।’’ पंजाब विधानसभा चुनाव के बारे में बात करते हुए भूषण ने बताया कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार कांग्रेस की तुलना में कहीं ज्यादा बुरी होगी। पंजाब में आप को एक विश्वसनीय विकल्प मानने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह सिद्धांतविहीन और अराजक होगी। पंजाब में कांग्रेस कहीं अच्छी पसंद साबित होगी। मेरे विचार में वह आप से बेहतर होगी। वे (कांग्रेस) अनुभवी हैं। आप में कोई सिद्धांत नहीं रह गया है।’’

Read AlsoTwitter यूजर्स के निशाने पर आए केजरीवाल, ट्रेंड में छाया #KejriMastDelhiPast

उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान राजनीति में कूदने के लिए तैयार नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘इसमें एक साल का समय लगेगा।’’ उन्होंने बताया कि चुनावी राजनीति में शामिल होने से पहले स्वराज अभियान खुद के भीतर पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र के सिद्धांत स्थापित करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘आप के मामले में हमने जो गलतियां की हैं हम उन्हें दोहराना नहीं चाहते हैं।’’

Read Alsoभाजपा-कांग्रेस में मिलीभगत, हमें दीजिए ACB बताते हैं कैसे होती है जांचः केजरीवाल

अपडेट