USA Tariff on India: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा किए जाने वाले हर फैसले में अमेरिका के राष्ट्रपति का हस्तक्षेप देखा जा सकता है।
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का यह बयान अमेरिकी सीनेट द्वारा उस विधेयक के पारित किए जाने के बाद आया है जो रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत सहित पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की अनुमति देता है।
अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित विधेयक में यह दावा किया गया है कि रूस के साथ इस प्रकार का व्यापार यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में मदद कर रहा है।
सोशल मीडिया के जरिए सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने अमेरिकी विधेयक से जुड़ी एक खबर को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने, अमेरिका की गुलामी करने और भारत का अपमान करवाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी देश के लिए यह स्थिति लेकर आए हैं।
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता आरोप लगाया कि आज देश के हर छोटे और बड़े निर्णय में अमेरिकी नेतृत्व का सीधा हस्तक्षेप देखने को मिल रहा है।
अमेरिका द्वारा भारत के खिलाफ फैसले लेने का लगाया आरोप
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की हर बात मानते हैं, चाहे वह सही हो या गलत। इसके बावजूद अमेरिकी प्रशासन हर क्षेत्र में भारत के हितों के खिलाफ निर्णय ले रहा है। इस विधेयक के पारित होने के बाद राजनीतिक गलियारों में विदेश नीति और व्यापारिक संबंधों को लेकर बहस तेज हो गई है।
भारत के लिए खतरा क्यों?
अमेरिका द्वारा सीनेट में पारित ये नया बिल सीधे तौर पर भारत और चीन के लिए चिंता का सबब बन सकता है क्योंकि भारत और चीन दोनों ही रूसी तेल के बड़े खरीदार हैं। अगर यह टैरिफ लागू हुआ, तो भारत के अमेरिका निर्यात वाले व्यापार पर भारी खतरा मंडरा सकता है।
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