पेपर लीक को लेकर विवाद दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। पहले कॉकरोच पार्टी ने विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई और अब आप के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से सड़कों पर उतरकर सरकार विरोध करने की अपील की है।

आप संयोजक ने एक एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली व्यक्तियों की मिलीभगत से एक बड़ा रैकेट बन गई है।

उन्होंने कैप्शन में भी लिखा, “जब तक आप सभी सड़कों पर उतर कर सरकार को मजबूर नहीं करेंगे तब तक ये धंधा बंद नहीं होगा। अगले साल ऐसे ही सारे पेपरों में फिर गड़बड़ी होगी। अपने बच्चों के भविष्य के लिए, अपने परिवार के भविष्य के लिए, देश के भविष्य के लिए सब इकट्ठे हो जाओ और माँग करो बस, अब और नहीं सहेंगे।”

पेपर लीक अरबों-खरबों को धंधा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने वीडियो में कहा, “पेपर लीक अरबों खरबों का धंधा है और इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। ये पेपर लीक बंद क्यों नहीं हो रहा, हर दो-तीन सालों में यह पेपर लीक हो जा रहा है। मैं बताता हूं कि यह क्यों हो रहा? “

उन्होंने आगे कहा, “हमारी चार साल के पंजाब में सरकार है, “एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। किसी पेपर में कोई गड़बड़ी नहीं हुई, दिल्ली में हमारी 10 साल सरकार रही, एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, कोई गड़बड़ी नहीं हुई। जबकि केंद्र सरकार के हर पेपर में गड़बड़ हो रही है, हर पेपर लीक हो रहा, कुछ गड़बड़ हो रहा है क्यों? सवाल नीयत का है, उनकी नीयत खराब है, हमारी साफ है। आप दो उदाहरण देख लीजिए सीबीएसई का पेपर, ओएसएम का ठेका ऐसी कंपनी को दिया गया है जिसने तेलंगाना के पेपरों में भारी गड़बड़ी की थी।”

कंपनी की वजह से तेलंगाना में बच्चों ने किया था सुसाइड- आप संयोजक

आगे कहा, “तेलंगाना में कंपनी ने इतनी भारी गड़बड़ी की थी कि उसे वहां ब्लैकलिस्ट किया गया और उसकी गड़बड़ियों की वजह से तेलंगाना में 20 से अधिक बच्चों ने सुसाइड कर लिए थे, अब इस कंपनी को केंद्र सरकार ने सारे देश में पेपरों का ठेका दे दिया, क्यों? नीयत खराब थी केंद्र सरकार की। हुआ क्या लाखों बच्चों का भविष्य खराब हो गया और उस कंपनी पर अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ, कोई एफआईआर नहीं हुई, कोई गिरफ्तार नहीं हुआ। एक कमेटी बना दी, कमेटी अपना काम करती रहे।”

आगे कहा,”सीबीएसई के चेयरमेन को हटाकर कृषि मंत्रालय का सचिव बना दिया गया बस और कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका मतलब सारे घोटाले पर पर्दा डाला जा रहा है। घोटालेबाजों को बचाया जा रहा क्योंकि अगले साल भी पेपर लीक करवाना है। अगले साल भी इनको ओएसएम में धांधली करनी है। अरबों-खरबों का घोटाला है, नीयत खराब है इनकी।”

नीट का भी दिया उदाहरण

केजरीवाल ने नीट के पेपर का भी उदाहरण दिया और कहा, “नीट का पेपर ले लीजिए, कह रहे हैं कि यह पेपर, पेपर सेटिंग के चरण पर पेपर लीक हुआ और उसका समाधान क्या निकाल रहे हैं कि पेपर का ट्रांसपोर्टेशन एयरफोर्स से करवाएंगे। अरे जब पेपर सेटिंग के चरण पर पेपर लीक हुआ तो ट्रांसपोर्टेशन से क्या होगा। तो इनको पेपर लीक रोकना नहीं है सारे घोटाले पर पर्दा डाला जा रहा है, घोटालेबाजों को बचाया जा रहा है क्योंकि अगले साल फिर पेपर लीक करवाना है। अगले साल फिर से अरबों-खरबों रुपये कमाने हैं। यह बहुत बड़ा धंधा है। इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं।”

लोगों से अपील करते हुए केजरीवाल ने कहा, “जब तक आप सभी मिलकर आवाज नहीं उठाओगे, जब तक आप सब सड़कों पर नहीं उतरोगे तब तक ये सिस्टम नहीं बदलने वाले। आप सभी को मिलकर आवाज उठाकर सरकार को मजबूर करना पड़ेगा कि सरकार इस पूरे सिस्टम को ठीक करे, नहीं तो यह नहीं होगा।”

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सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार ने बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। जिसके बाद लोखंडे प्रशांत सीताराम सीबीएसई के नए चेयरपर्सन बनाए गए हैं। इन मुद्दे को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि यह मामले पर पर्दा डालने की कोशिश है। वहीं, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी इन ट्रांसफर को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें