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पुलिस से नहीं मिला इंसाफ तो सुप्रीम कोर्ट पहुंची महिला ने लगाई गुहार- सीएम ने किया रेप, कोर्ट का सुनवाई से इनकार

सीएम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है। कहा कि ये आरोप विपक्षियों ने गढ़े हैं।

Author Updated: March 16, 2019 7:07 AM
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू। (फेसबुक फोटोः PemaKhanduBJP)

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर एक महिला ने रेप करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले में पुलिस से मदद चाही, तो उसे इंसाफ न मिला। ऐसे में न्याय के लिए वह सुप्रीम कोर्ट पहुंची। दावा किया कि सीएम ने उसके साथ बलात्कार किया, पर शुक्रवार (15 मार्च, 2019) को कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया। यह मामला तब का है, जब पीड़िता नाबालिग थी। उसने पुराने मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दी थी, पर कोर्ट ने दखल देने से मना कर दिया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना वाली तीन सदस्यीय बेंच ने इस बारे में कहा कि 2008 में घटी इस घटना में कोर्ट दखल नहीं दे सकता है।

बेंच ने पीड़िता को सलाह देते हुआ कहा कि वह यह मामला हाईकोर्ट लेकर जाए और पुलिस से सुरक्षा की मांग करे, जबकि सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर आने से पहले ही वह पुलिस के पास जा चुकी थी, मगर उसकी वहां सुनवाई नहीं हुई थी। आरोप है कि चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने सीएम खाडूं समेत तीन आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया था।

याचिका में पीड़िता ने कहा कि वह जब 15 साल की थी, तब चार लोगों ने मिलकर उसका रेप किया था। पीड़िता के हवाले से न्यूज रिपोर्ट्स में कहा गया कि पीड़िता को एक शख्स ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुछ लोगों से मिलाने की बात कही थी। मुलाकात में पीड़िता को कुछ चाय-पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया था, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। आरोप है कि उसके बाद ही चारों ने उससे रेप किया था।

पीड़िता ने इस बाबत मार्च 2018 में नेशनल कमिशन ऑफ वीमेन (एनसीडब्ल्यू) में विस्तृत रिपोर्ट भी जमा की थी। पीड़िता के हवाले से खबरों में आगे कहा गया, “मैंने तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी, जिनमें अरुणाचल के सीएम भी शामिल हैं। अभी तक मुझे उस संबंध में कोई उचित जवाब पुलिस और कोर्ट से नहीं मिला है। वे दोनों ही कह रहे हैं कि ये धोखाधड़ी का मामला, जो कि सच नहीं है। अगर मुझे न्याय न मिला, तब मेरी तरह अन्य लोग भी किसी पर विश्वास नहीं करेंगे।”

बताया जा रहा है कि कथित वारदात जुलाई 2008 को तवांग सर्किट हाउस में हुई थी। पीड़िता ने बताया कि इसमें खांडू के अलावा पीड़िता ने तवांग हायर सेकेंड्री स्कूल के शिक्षक फुर्पा लामा थंपीन ताशी और उस गैंग में शामिल दोर्जी वांगचू भी शामिल थे। हालांकि, सीएम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है। कहा कि ये आरोप विपक्षियों ने गढ़े हैं।

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