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अरुणाचल में भूस्खलन, 16 मजदूरों की मौत

अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में भूस्‍खलन के चलते 17 लोगों के मरने की खबर है। नेशनल डिजास्‍टर रेस्‍पॉन्‍स फोर्स(एनडीआरएफ) की एक टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में भूस्‍खलन के चलते 17 लोगों के मरने की खबर है। (Photo: ANI)

अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन की चपेट में कामगारों का शिविर आ गया जिसके कारण 16 श्रमिकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य बुरी तरह से जख्मी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस हादसे पर शोक प्रकट करते हुए मारे गए लोगों प्रति संवेदना जताई है।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) एंटो अलफोंसे ने बताया कि तवांग कस्बे से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित फामला गांव में यह घटना तड़के करीब तीन बजे हुई। उस वक्त एक निर्माण कार्य में कार्यरत 19 मजदूर अपने शिविर में मौजूद थे। एसपी ने बताया, ‘अब तक मलबे से 16 शवों को निकाला गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए पड़ोसी राज्य असम के तेजपुर भेजा गया है।’ उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण सीमाई जिले के कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। अलफोंसे के मुताबिक सेना, प्रशासन, पुलिस और ग्रामीणों की ओर से चलाए गए संयुक्त अभियान में ये सभी शव बरामद किए गए।

भूस्खलन के कारण न्यू लेरांग और गवर्नमेंट हायर सेकंडरी स्कूल के बीच निर्मित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क भी बाधित हो गई है, जबकि इलाके की कई आवासीय इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इससे जल विद्युत परियोजना किटपी के चरण एक और चरण दो को भारी नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन में लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। अपने एक संदेश में प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री कलिखो पुल से बात कर हालात का जायजा लिया और केंद्र की ओर से अरुणाचल प्रदेश को सहायता देने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओ्रर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी भूस्खलन के कारण लोगों की मौत पर दुख एवं शोक प्रकट किया है और कांग्रेस विधायकों, प्रदेश कांग्रेस कमिटी और पार्टी से संबद्व संगठनों से राहत कार्य में मदद करने को कहा है।

बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका और नुकसान के कारण दोनों बिजली स्टेशनों को बंद करना पड़ा। हालात को गंभीरता से लेते हुए डीसी डुली कमदुक ने संबंधित विभाग को आकलन और कार्रवाई के बारे में विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण नामसाई और चंगलंग जिलों में हालात बदतर हो गए हैं। राज्य की नोआ देहिंग और जेंगथू नदियों में जलस्तर बढ़ने की खबरें हैं, जबकि जलस्तर बढ़ने से बाढ़ रोकने के लिए बनाए सुरक्षा संबंधी कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

नामसाई से मिली आधिकारिक रपट के मुताबिक गुरुवार से लगातार मूसलाधार बारिश के कारण जिले में बाढ़ की स्थिति बन गई है। नोओ देहिंग और जेंगथू नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। बाढ़ में अनेक बस्तियां और खेत डूब गए हैं, जबकि अनेक बांधों को भी नुकसान हुआ है। सिलाथू कचारी गांव से तीन घरों को खाली करावाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। विंगसेंग नांगताओ गांव के प्रभावित गांववालों को भी सुरक्षित निकाला जा रहा है।

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