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वकालत के पैसों से जेटली ने स्टाफ के बच्चों को दिलाई बेहतरीन शिक्षा, कई बन गए डॉक्टर और इंजीनियर

Arun Jaitley Death News: जेटली अपने वकालत के पैसों से अपने स्टाफ के बच्चों का खयाल रखते थे। वे उन पैसों से उन्हें बेहतरीन शिक्षा और एक अच्छा जीवन जीने में मदद करते थे। उनमें से कुछ बड़े होकर इंजीनियर और दंत चिकित्सक बन गए हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: August 24, 2019 3:50 PM
Arun Jaitley Demise News: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। (AP Photo/Jose Luis Magana, File)

Arun Jaitley Demise News, Arun Jaitley death: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उनका बीते कुछ वक्त से दिल्ली स्थित एम्स में इलाज चल रहा था। उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। इसके बाद उन्हें लाइव सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। उनकी मौत की खबर खुद एम्स प्रशासन ने एक नोट जारी कर दी है। इसमें बताया गया कि बेहद दुखी के साथ सूचित किया जाता है कि 24 अगस्त को 12 बजकर 7 मिनट पर माननीय अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं रहे। राजनेता होने के साथ-साथ जेटली वकील भी थे और अपने वकालत के पैसों से उन्होंने अपने स्टाफ के बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाई।

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक जेटली अपने वकालत के पैसों से अपने स्टाफ के बच्चों का खयाल रखते थे। वे उन पैसों से उन्हें बेहतरीन शिक्षा और एक अच्छा जीवन जीने में मदद करते थे। दिल्ली के विश्वास नगर के विधायक और उनके एक बार के राजनीतिक सचिव ओम प्रकाश शर्मा ने बताया “वह अपने कर्मचारियों की देखभाल करने के लिए जाने जाते थे। वकील क्लाइंट से क्लर्केज (लिपिकीय कार्य के लिए शुल्क) के रूप में अपनी फीस का 10 प्रतिशत चार्ज करते हैं। लेकिन वकील इस पैसे को अपने कर्मचारियों से शेयर नहीं करते हैं। जेटली हमेशा करते थे।” 1972 से जेटली के साथ रहे ओम प्रकाश ने आगे बताया कि इस कोष के माध्यम से उन्होंने सुनिश्चित किया है कि उनके सभी कर्मचारियों के बच्चे अच्छे स्कूलों में जाएं। उनमें से कुछ बड़े होकर इंजीनियर और दंत चिकित्सक बन गए हैं।

बता दें 9 अगस्त, 2019 को सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी महसूस होने के बाद जेटली को अस्पताल लाया गया था। उन्हें एम्स के कार्डिएक न्यूरो सेंटर में स्थित वीवीआईपी वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनका स्वस्थ लंबे समय से खराब चल रहा था। इससे पहले पिछले साल मई में उनके गुर्दे का ऑपरेशन हुआ था। उस दौरान उनकी जगह रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला था। मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में लौटने के बाद जेटली ने खराब स्वस्थ के चलते मंत्री बनाने से माना कर दिया था।

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