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पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, बेटे ने दी मुखाग्नि

Arun Jaitley Funeral News Updates: रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर भाजपा मुख्यालय ले जाया जाएगा जहां राजनीतिक दलों के नेता उन्हें अंतिम विदाई देंगे। भाजपा मुख्यालय से पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए निगमबोध घाट ले जाया जाएगा।

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 Arun Jaitley Funeral Updates: पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। जेटली के बेटे रोहन ने उन्हें मुखाग्नि दी।  भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इससे पहले जेटली के पार्थिव शरीर को पार्टी मुख्यालय लाया गया। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं व परिवार के सदस्यों ने जेटली को श्रद्धांजलि दी।

दोपहर 1 बजे तक उनके अंतिम दर्शन किया गए। इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई।। निगमबोध घाट पर दोपहर 2.30 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। 66 वर्षीय जेटली का शनिवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका कुछ सप्ताह से अस्पताल में इलाज चल रहा था। वह 9 अगस्त को एम्स में भर्ती हुए थे।

एम्स में औपचारिकताओं के बाद जेटली के पार्थिव शरीर को उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास पर लाया गया।  इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित विभिन्न नेता उनके आवास पर पहुंच कर पार्थिव शरीर को श्रद्धासुमन अर्पित किए ।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं भाजपा कार्यकर्ताओं तथा उनके प्रशंसकों ने जेटली को अंतिम विदाई दी। जेटली का पार्थिव शरीर कांच के ताबूत में रखा गया । नेताओं ने इस दौरान श्रद्धासुमन अर्पित किये और पुष्पचक्र चढ़ाया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण पीयूष गोयल, हर्षवर्धन, जितेंद्र सिंह और एस. जयशंकर के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित विभिन्न नेताओं ने जेटली को अंतिम विदाई दी ।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजीव शुक्ला के अलावा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान तथा उनके पुत्र चिराग पासवान ने भी दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी ।

 

Live Blog

Highlights

    17:18 (IST)25 Aug 2019
    अरुण जेटली का दाह संस्कार पूरा, बेटे ने दी मुखाग्नि

    देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दे गई। दिल्ली स्थिति निगम बोधघाट पर उन्हें आखिरी विदाई दी गई। जेटली के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान तमाम बड़ी हस्तियां वहां मौजूद थीं।  

    15:38 (IST)25 Aug 2019
    हिमाचल में दो दिन का राजकीय शोक घोषित

    जेटली के निधन के बाद हिमाचल प्रदेश ने दो दिन का राजकीय शोक रखने की घोषणा की है। हिमाचल प्रदेश सरकार की तरफ से इस आशय की सूचना रविवार को दी गई।

    14:52 (IST)25 Aug 2019
    जेटली के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू

    निगम बोध घाट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। घाट पर उनके परिवार के सदस्यों के साथ केंद्रीय मंत्री और भाजपा के नेता मौजूद हैं।

    14:13 (IST)25 Aug 2019
    अमित शाह, राजनाथ सिंह घाट पर मौजूद

    जेटली के अंतिम संस्कार के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री व भाजपा के अन्य नेता मौजूद हैं।

    13:56 (IST)25 Aug 2019
    निगम बोध घाट पहुंची अंतिम यात्रा

    पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की अंतिम यात्रा निगम बोध घाट पहुंच चुकी है। कुछ देर में जेटली का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    13:54 (IST)25 Aug 2019
    निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी

    भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भाजपा के नेता निगम बोध घाट पहुंच गए हैं। जेटली को अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंच गए हैं।

    13:47 (IST)25 Aug 2019
    राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

    पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा निगम बोध घाट पहुंचने वाली है। यहां उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे।

    13:18 (IST)25 Aug 2019
    भाजपा मुख्यालय से जेटली की अंतिम यात्रा शुरू

    भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली की अंतिम यात्रा पार्टी मुख्यालय से शुरू हो रहीहै। जेटली का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर दोपहर 1.30 बजे किया जाएगा।

    12:50 (IST)25 Aug 2019
    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, हर्षवर्धन ने दी जेटली को श्रद्धांजलि

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, हर्षवर्धन और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को श्रद्धांजलि दी। जेटली का पार्थिव शरीर पार्टी मुख्यालय पर सुबह 11.45 बजे ले जाया गया था।

    12:23 (IST)25 Aug 2019
    रक्षा मंत्रालय में किए कई अहम पहल

    रक्षा मंत्री के तौर पर दो बार अपने छोटे से कार्यकाल में अरुण जेटली ने सैन्य बलों में दीर्घकालिक लंबित सुधारों की दिशा में राह दिखायी और रक्षा निर्माण में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिये अहम नीतिगत पहल लेकर आये। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जेटली ने 26 मई से नौ नवंबर 2014 तक रक्षा मंत्री का पदभार संभाला था, इसके बाद मनोहर पर्रिकर को गोवा से बुलाकर रक्षा मंत्री का पदभार सौंपा गया था। गोवा का मुख्यमंत्री बनने के लिये पर्रिकर ने जब केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया तब तत्कालीन वित्त मंत्री जेटली को 14 मार्च 2017 में एक बार फिर रक्षा मंत्रालय का पदभार सौंपा गया। जेटली ने जो सर्वाधिक अहम पहल की, वह भारत को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक केंद्र बनाना था। उनकी बनाई नीति के तहत चुनिंदा निजी भारतीय कंपनियों को विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर भारत में पनडुब्बी, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और बख्तरबंद वाहन/मुख्य युद्धक टैंक जैसे सैन्य साजो-सामान के निर्माण की इजाजत मिली।

    12:02 (IST)25 Aug 2019
    जेपी नड्डा ने दी जेटली को दी श्रद्धांजलि

    भाजपा के मुख्यालय पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ ही पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी जेटली को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    11:17 (IST)25 Aug 2019
    आपातकाल के खिलाफ ‘‘तकनीकी रूप से पहले’’ पहले सत्याग्रही थे जेटली

    देश में आपातकाल घोषित होने के बाद 26 जून, 1975 की सुबह अरुण जेटली ने लोगों के एक समूह को इकट्ठा किया और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का पुतला जलाया। उनके शब्दों में आपातकाल के खिलाफ वह ‘‘पहले सत्याग्रही’’ थे। इसके बाद उन्हें एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया और वह 1975 से 1977 तक 19 महीने की अवधि के लिए जेल में रहे। पत्रकार-लेखिका सोनिया सिंह की पुस्तक ‘‘डिफाइनिंग इंडिया : थ्रू देयर आईज’’में जेटली के हवाले से कहा गया है, ‘‘जब 25 जून 1975 की आधी रात को आपातकाल घोषित किया गया, तो वे मुझे गिरफ्तार करने आए। मैं पास ही स्थित एक दोस्त के घर जाकर बच गया’’ उन्होंने कहा था, ‘‘मैं आपातकाल के खिलाफ तकनीकी रूप से पहला ‘सत्याग्रही’’ बना क्योंकि 26 जून को यह देश में हुआ केवल एक विरोध था। तीन महीनों के लिए, मैं अंबाला की जेल में रहा।’’

    11:09 (IST)25 Aug 2019
    दोपहर 2.30 बजे होगा अंतिम संस्कार

    पार्टी मुख्यालय पर राजनेता व पार्टी कार्यकर्ता दोपहर 1 बजे तक अंतिम दर्शन करेंगे। इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा पार्टी मुख्यालय से निगम बोध घाट के लिए निकलेगी। दोपहर 2.30 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले पार्टी मुख्यालय पर पत्नी संगीता जेटली और बेटे रोहन व बेटी सोनाली ने भी श्रद्धांजलि दी।

    11:06 (IST)25 Aug 2019
    पार्टी मुख्यालय में जेटली को श्रद्धांजलि दे रहे कार्यकर्ता

    भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को पार्टी मुख्यालय में अंतिम श्रद्धांजलि दी जा रही है। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास से पार्टी मुख्यालय लाया गया। पार्टी कार्यालय पहुंचने पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने उनकी पार्थिव शरीर के आगे-आगे चल रहे थे।

    10:49 (IST)25 Aug 2019
    पार्टी मुख्यालय पहुंचा जेटली का पार्थिव शरीर

    वित्त मंत्री अरुण जेटली का पार्थिव शरीर भाजपा मुख्यालय पहुंच गया। पार्टी मुख्यालय के बाहर भाजपा नेता कई नेता मौजूद है। दोपहर 11 बजे से कार्यकर्ता भाजपा के नेता के अंतिम दर्शन कर सकेंगे।

    10:30 (IST)25 Aug 2019
    11 बजे पार्टी मुख्यालय पहुंचेगा पार्थिव शरीर

    अरुण जेटली की अंतिम यात्रा उनके घर से निकल कर मूलचंद पार कर गई है। अंतिम यात्रा के काफिल में करीब 200 वाहन शामिल हैं। अंतिम यात्रा के दोपहर करीब 11 बजे तक पार्टी मुख्यालय पहुंचने की उम्मीद है।

    09:49 (IST)25 Aug 2019
    जेटली का पार्थिव शरीर पार्टी मुख्यालय ले जाया जा रहा है

    पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का पार्थिव शरीर कैलाश कॉलोनी स्थित उनके आवास से भाजपा मुख्यालय ले जाया जा रहा है। यहां पार्टी कार्यकर्ता अंतिम दर्शन करेंगे।

    09:47 (IST)25 Aug 2019
    मोदी की दावेदारी के पहले बड़े समर्थक

    जेटली की कुशलता नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में पूरी तरह नजर आई जब उन्होंने भ्रष्टाचार खासकर राफेल सौदे और घोर पूंजीवादी होने के विपक्ष के आरोपों को लेकर भाजपा का जवाब तैयार किया था तथा हाल में संपन्न हुए आम चुनाव के लिए प्रचार के दौरान सोशल मीडिया के अपने नियमित पोस्ट के जरिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए पर निशाना साधा। जेटली संभवत: पार्टी के लिए एकमात्र बड़े नेता थे जिन्होंने 2013 में प्रधानमंत्री पद को लेकर मोदी की दावेदारी का मार्ग प्रशस्त करने में समर्थन किया था।राजनीति की गूढ़ समझ रखने वाले जेटली राजनीति के बदलते समीकरणों पर पैनी नजर रखते थे और पार्टी के भीतर मोदी के सबसे शुरुआती समर्थकों में शामिल थे।

    09:46 (IST)25 Aug 2019
    शिवराज सिंह चौहान, मोतीलाल वोरा व अन्य ने जेटली को दी श्रद्धांजलि

    मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अरुण जेटली के आवास पर उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि थी। जेटली के घर पहुंच कर श्रद्धांजलि देने वालों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोती लाल वोरा, राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजित सिंह,  आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू और भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव भी शामिल थे।

    09:45 (IST)25 Aug 2019
    इमर्जेंसी के तारणहार जेटली

    भारतीय जनता पार्टी के लिए अरुण जेटली किसी भी आकस्मिकता से निपटने में सक्षम शख्सियत थे और उनका व्यवहार स्थिति के अनुरूप होता था। वह एक ऐसा रणनीतिकार थे जिसने कई राज्यों में पार्टी के उद्भव की गाथा लिखी। एक शिष्ट एवं उदार चेहरा जिसने पार्टी को कई नये सहयोगी दिए और अपनी बात पर अडिग रहने वाले ऐसे शख्स थे जिनकी समझाने-बुझाने वाली कला उनके नेतृत्व के लिए बहुमूल्य धरोहर थी। करीब डेढ़ दशक तक खासकर 2006 में प्रमोद महाजन के निधन के बाद वह पार्टी को किसी भी संकट से निकालने वाले सबसे अहम व्यक्ति थे।

    09:29 (IST)25 Aug 2019
    दोपहर 1.30 बजे निकलेगी अंतिम यात्रा

    भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का पार्थिव शरीर कार्यकर्ताओं के अंतिम दर्शन के लिए पार्टी मुख्यालय पर रखा जाएगा। सुबह 11 बजे से कार्यकर्ता दर्शन शुरू करेंगे। कार्यकर्ताओं और राजनेताओं के दर्शन के बाद दोपहर 1.30 बजे निगम बोध घाट के लिए अंतिम यात्रा निकलेगी।

    09:01 (IST)25 Aug 2019
    पीएम मोदी ने 'ऑरिजनल चाणक्य' थे जेटली

    अरुण जेटली अति शिष्ट, विनम्र और राजनीतिक तौर पर उत्कृष्ट रणनीतिकार रहे। वह भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मुख्य संकटमोचक थे जिनकी चार दशक की शानदार राजनीतिक पारी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते समाप्त हो गई। सर्वसम्मति बनाने में महारत प्राप्त जेटली को कुछ लोग मोदी का ऑरिजनल ‘चाणक्य’ भी मानते थे जो 2002 से मोदी के लिए मुख्य तारणहार साबित होते रहे। पढ़े पूरी खबर

    08:30 (IST)25 Aug 2019
    वकालत के पैसों से रखते थे स्टाफ के बच्चों का ख्याल

    अरुण  जेटली अपने वकालत के पैसों से अपने स्टाफ के बच्चों का खयाल रखते थे। वे उन पैसों से उन्हें बेहतरीन शिक्षा और एक अच्छा जीवन जीने में मदद करते थे। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के विश्वास नगर के विधायक और उनके एक बार के राजनीतिक सचिव ओम प्रकाश शर्मा ने बताया “वह अपने कर्मचारियों की देखभाल करने के लिए जाने जाते थे। पढ़ें पूरी खबर

    08:24 (IST)25 Aug 2019
    'भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ बुद्धिमान नेता खो दिया'

    केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि उनके निधन से देश ने अपना सर्वश्रेष्ठ बुद्धिमान नेता खो दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक संदेश में कहा कि जेटली के निधन से जो निर्वात पैदा हुआ है उसे इस जीवन में भर पाना कठिन है। जेटली के करीबी माने जाने वाले सिंह ने कहा, ‘‘हमने देश का सर्वश्रेष्ठ बुद्धिमान नेता खो दिया है । व्यक्तिगत तौर पर अरूण जेटली मेरे लिए क्या थे, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता । इस रिक्तता को भरना मुश्किल है.....कम से कम इस जीवनकाल में ।’’

    08:12 (IST)25 Aug 2019
    कांग्रेस नेता गिरधारी लाल डोगरा के दामाद थे जेटली

    दिन में श्रीनगर गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आजाद हवाई अड्डे से सीधे अन्य नेताओं के साथ जेटली के आवास पर पहुंचे। आजाद ने कहा कि उन्हें संसद में जेटली की कमी खलेगी। उन्होंने कहा कि जेटली के साथ उनके संबंध दो प्रकार के थे - एक राजनीतिक थे, जबकि दूसरे वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गिरधारी लाल डोगरा के दामाद थे। उन्होंने कहा, ‘‘अंत तक, हमने इन दो रिश्तों को बनाए रखा। पिछले पांच-छह वर्षों में, एक तीसरा संबंध विकसित हुआ, जब वह राज्यसभा में सदन के नेता थे और मैं विपक्ष का नेता।''

    08:00 (IST)25 Aug 2019
    सहवाग की शादी के लिए दे दिया था अपना सरकारी आवास

    खेल जगत से भी जेटली का काफी करीबी रिश्ता रहा है। वो डीडीसीए (दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन) के प्रेसीडेंट भी थे। उनका क्रिकेट प्रेम उस वक्त काफी चर्चा में रहा था जब उन्होंने मुल्तान के सुल्तान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सहवाग की शादी के लिए अपना सरकारी आवास दे दिया था। पढ़े पूरी खबर

    07:48 (IST)25 Aug 2019
    विपक्षी नेताओं ने भी किया याद

    अहमद पटेल ने कहा हालांकि जेटली दूसरी पार्टी में थे, जिसकी अलग विचारधारा है लेकिन उनका सबके साथ सद्भाव था। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘उनकी तरह के बहुत कम लोग हैं । उनके निधन से न केवल भाजपा को बल्कि देश को भी क्षति हुई है ।’’ वहीं, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘जेटली देश के बेहतरीन राजनेताओं में से एक थे । वह एक महान व्यक्ति और प्रखर वक्ता थे। मेरे उनके साथ अच्छे संबंध थे और इस नुकसान की भारपाई किसी तरह से नहीं होगी। दिल्ली को उनकी कमी खलेगी ।’’

    07:46 (IST)25 Aug 2019
    मोदी बोले- प्यारे दोस्त को खो दिया

    बहरीन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा , ‘‘ऐसे समय में जब लोग जन्माष्टमी का उत्सव मना रहे हैं और मैं अपने प्यारे मित्र के निधन पर शोक मना रहा हूं।’’उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपनी बहन और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को खो दिया था और अब उनके ‘‘प्यारे दोस्त’’ चले गये। मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले हमने विदेश मंत्री बहन सुषमा जी को खो दिया था। आज मेरे प्यारे दोस्त अरुण चले गये।’’ प्रधानमंत्री ने शनिवार को जेटली की पत्नी और पुत्र से बात की और शोक जताया। दोनों ने प्रधानमंत्री से अपनी विदेश यात्रा रद्द नहीं करने का अनुरोध किया।

    07:41 (IST)25 Aug 2019
    विदेश दौरे पर मोदी, जेटली को याद कर हुए भावुक

    विदेश यात्रा पर गए मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि जेटली को समाज का हर तबका पसंद करता था। उन्होंने कहा कि वह एक बहुआयामी व्यक्तित्व वाले, संविधान, इतिहास, लोक नीति, शासन और प्रशासन के प्रखर ज्ञाता थे। उन्होंने कहा, ‘‘अरुण जेटली जी के जाने से मैंने अपना एक मूल्यवान मित्र खो दिया, जिन्हें दशकों से जानने का मुझे सौभाग्य प्राप्त था। उनमें मुद्दों को लेकर जो अंतर्दृष्टि और चीजों की समझ थी, वह विरले ही किसी में देखने को मिलती है। उन्होंने जीवन को भरपूर जिया और हम सभी के दिलों में अनगिनत खुशी की यादें छोड़ गये! हमें उनकी कमी खलेगी।’’ वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जेटली के प्रति शोक संवेदना जाहिर करते हुए कहा, ‘‘वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रसिद्ध थे। मंत्री रहते हुए देश उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता है। वह देश और पार्टी के लिए पूंजी थे । अब वह हमारे बीच नहीं हैं और मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’

    07:35 (IST)25 Aug 2019
    बहस की तैयारी के लिए खर्च किए थे 35000 रुपये

    राज्यसभा में कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस सौमित्र सेन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा रहा था। इस प्रक्रिया पूरी होने से पहले तत्कालीन नेता विपक्ष अरुण जेटली संसद में कई सारी भारी किताबें लेकर पहुंचे। जेटली अपनी बहस और तर्कों को मजबूत बनाने के लिए इन किताबों का अध्ययन करके आए थे। बाद में संसद के बाहर जेटली ने मीडियाकर्मियों को बताया कि उन्होंने बहस की तैयारी के लिए इन किताबों पर 35000 रुपए खर्च किए। इस घटना से अरुण जेटली की संजीदगी का साफ पता चलती है। पढ़ें पूरी खबर

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