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अलगाववादियों से लड़ने के लिए पीडीपी के साथ गठबंधन किया भाजपा ने : अरुण जेटली

जेटली ने राज्य की सभी राजनीतिक ताकतों से साथ में आने और अलगाववादी ताकतों से लड़ने का अनुरोध किया।

Author जम्मू | April 12, 2016 7:51 PM
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। (पीटीआई फाइल फोटो)

पीडीपी और भाजपा द्वारा नये सिरे से जम्मू कश्मीर में सरकार बनाये जाने के कुछ दिन बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार (12 अप्रैल) को कहा कि उनकी पार्टी ने दोनों दलों की पूरी तरह भिन्न विचारधाराओं के बावजूद अलगाववादी ताकतों से लड़ने और जम्मू कश्मीर की सेवा करने के लिए गठजोड़ बनाया है।उन्होंने कहा कि भाजपा ने जम्मू कश्मीर के साथ ‘भावनात्मक और वैचारिक’ रिश्ता बनाया है और वह किसी तरह के अलगाववाद से कभी समझौता नहीं करेगी।

केंद्रीय वित्त और सूचना प्रसारण मंत्री जेटली ने यहां पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए कहा, ‘‘हमारा राजनीतिक सिद्धांत है कि हम कभी किसी तरह के अलगाववाद से समझौता नहीं करेंगे। हम इसका विरोध करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज की राजनीतिक हकीकत है कि कश्मीर क्षेत्र के मुख्यधारा के राजनीतिक दल और लोग अलगाववाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में साथ आये हैं और हमें इस गठबंधन का इस्तेमाल इस दिशा में करना होगा।’’

जेटली ने राज्य की सभी राजनीतिक ताकतों से साथ में आने और अलगाववादी ताकतों से लड़ने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी यह बात जानते हैं और पीडीपी में हमारे दोस्त भी जानते हैं कि हमारी विचारधाराएं पूरी तरह अलग हैं लेकिन ऐसे राजनीतिक परिदृश्य में देश और राज्य की सेवा के लिए भाजपा को राज्य की सेवा करने का अवसर मिला है। करीब एक सप्ताह पहले ही पीडीपी और भाजपा ने करीब तीन महीने की अनिश्चितता के बाद महबूबा मुफ्ती की अगुवाई में नये सिरे से सरकार बनाई है।

इससे पहले दोनों दलों ने पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद की अगुवाई में 10 महीने तक सरकार चलाई थी। सात जनवरी को सईद का आकस्मिक निधन हो गया। उसके बाद से दोनों दलों के बीच तकरार की स्थिति रही और कुछ समय के लिए सरकार बनाने को लेकर अनिश्चितता बनी रही। जेटली ने कुछ सवालों के जवाब में कहा, ‘‘मैं देश के बारे में नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर पर बात करूंगा। भाजपा का जम्मू कश्मीर से न केवल राजनीतिक रिश्ता है बल्कि भावनात्मक और वैचारिक रिश्ता भी है।’’

उन्होंने कहा कि जब जनसंघ की स्थापना हुई थी तो पहला मुद्दा उसने जम्मू कश्मीर का उठाया था और नेताओं ने बलिदान दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हम राष्ट्रवाद के जिस रास्ते पर चल रहे हैं, उसकी बुनियाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित प्रेमनाथ डोगरा ने रखी थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज अनोखे हालात हैं जिसमें चुनाव में राज्य की जनता के दिये जनादेश में जम्मू में अधिकतम सीटें हमें मिलीं।’’

जेटली ने कहा, ‘‘कश्मीर में पीडीपी को सर्वाधिक सीटें मिलीं। हम सभी चारों बड़े दलों के गणित को देखें तो यह गणित ही तय करता है कि कौन सरकार बनाएगा इसलिए गणित ने तय किया।’’ उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थिति थी कि आगे कैसे बढ़ा जाए और राज्य में तथा दिल्ली में राजनीतिक नेतृत्व को चुनौती स्वीकार करनी पड़ी।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि पार्टी की प्रदेश इकाई को मजबूत करने में कई लोगों ने योगदान दिया है।’’ जेटली ने उम्मीद जताई कि भाजपा असम में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘पहली बार ऐसा होगा कि पूर्वोत्तर में, असम में भाजपा की सरकार होगी।’’ उन्होंने कहा कि जम्मू में भी पार्टी में काफी प्रतिभाएं हैं।

जेटली ने उधमपुर डोडा से भाजपा सांसद जितेंद्र सिंह का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैंने पहली बार केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को टीवी पर देखा था जब वह अमरनाथ आंदोलन पर बोलते थे और हमें लगा कि उन्हें पार्टी में लिया जाना चाहिए। वह सांसद बने, प्रधानमंत्री कार्यालय में अच्छा कार्यभार मिला और सफल मंत्री के तौर पर उभरे।’’ जम्मू में नवनिर्मित पार्टी भवन का उद्घाटन करने के बाद जेटली ने कहा कि जब 2008 का जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव लड़ा जा रहा था तो वह राज्य में भाजपा के प्रभारी थे और पार्टी दफ्तर बहुत छोटा था।

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