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जम्मू-कश्मीर पर UNSC में 16 अगस्त को हो सकती है गुप्त बैठक, चीन ने पाकिस्तान की तरफदारी में की थी मांग

इससे पहले, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी बोले थे, "पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत के फैसले पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की औपचारिक मांग की है।"

Author नई दिल्ली | Updated: August 15, 2019 8:19 PM
संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर अब राज्य नहीं है। यह दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांट दिया गया है। (फाइल फोटो)

जम्मू और कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छिनने के मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में शुक्रवार (16 अगस्त, 2019) को गुप्त बैठक हो सकती है। पाकिस्तान की तरफदारी में चीन ने ही इसके लिए मांग की, जबकि इससे पहले इस्लामाबाद (पाक) की तरफ से इस बारे में बैठक बुलाने के लिए एक पत्र लिखा गया था। यह दावा संयुक्त राष्ट्र के एक राजनयिक ने समाचार एजेंसी पीटीआई से किया है।

बुधवार (15 अगस्त, 2019) को पीटीआई की एक रिपोर्ट में नाम न बताने की शर्त पर राजनयिक के हवाले से कहा गया कि हाल ही में इस बारे में बैठक बुलाने के लिए दरख्वास्त की गई थी, जो कि संभवतः शुक्रवार को हो सकती है। राजनियक ने बताया, “चीन ने सुरक्षा परिषद में गुप्त बैठक के दौरान ‘भारत पाकिस्तान सवाल’ एजेंडे पर मांग की है। यह मांग पाकिस्तान के उस पत्र के संदर्भ में की गई, जो कि यूएन सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखा गया था।”

डिप्लोमैट के मुताबिक, चीन के करीबी सहयोगी पाकिस्तान ने इस बाबत अगस्त में सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष पोलैंड को खत लिखा था। वैसे, बैठक के लिए फिलहाल कोई वक्त तय नहीं हुआ है। इससे पहले, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी बोले थे, “पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत के फैसले पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की औपचारिक मांग की है।”

राजनयिक की मानें तो चीन ने भी सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध किया है, लेकिन पोलैंड को बैठक की तारीख और समय तय करने से पहले अन्य सदस्यों से सलाह-मशविरा करना होगा। अधिकारी के अनुसार, अभी तक बैठक के समय को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है, पर शुक्रवार की सुबह सबसे नजदीकी विकल्प है।

बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी संग द्विपक्षीय भेंट में साफ किया था कि कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने का फैसला भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा था कि यह बदलाव बेहतर प्रशासन और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए है एवं फैसले का असर भारत की सीमाओं और चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर नहीं पड़ेगा। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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