ताज़ा खबर
 

सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को दिया निर्देश- J&K में स्थिति सामान्य करने के लिए करें हर मुमकिन कोशिश

कश्मीर संभाग के 88 प्रतिशत से अधिक थाना क्षेत्रों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। पीठ ने अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल से कहा कि इन हलफनामों का विवरण दें और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएं।

Author नई दिल्ली | Updated: September 16, 2019 12:14 PM
देश का सर्वोच्च न्यायालय। (फाइल फोटो)

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केन्द्र से कहा कि कश्मीर में जनजीवन सामान्य करने के लिए जल्द से जल्द सभी संभव कदम उठाए। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ,न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे और न्यायमूर्ति एस. ए. नजीर की एक पीठ ने कहा कि कश्मीर में अगर तथा-कथित बंद है तो उससे जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय निपट सकता है। वहीं केन्द्र ने पीठ को कहा कि कश्मीर स्थित सभी समाचार पत्र काम कर रहे हैं और सरकार हरसंभव मदद मुहैया करा रही है। प्रतिबंधित इलाकों में पहुंच के लिए मीडिया को ‘पास’ दिए गए हैं और पत्रकारों को फोन और इंटरनेट की सुविधा भी मुहैया कराई गई है।

उसने कहा कि दूरदर्शन जैसे टीवी चैनल और अन्य निजी चैनल, एफएम नेटवर्क काम कर रहे हैं। केन्द्र ने कहा कि एक गोली भी नहीं चलाई गई और कुछ स्थानीय प्रतिबंध लगे हैं। कश्मीर संभाग के 88 प्रतिशत से अधिक थाना क्षेत्रों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। पीठ ने अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल से कहा कि इन हलफनामों का विवरण दें और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएं।

उच्चतम न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर में जनजीवन सामान्य करने, कल्याणकारी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने, स्कूल और कॉलेज खोले जाने को कहा। पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए चयनात्मक आधार पर प्रतिबंध हटाए जाएंगे ।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 IRCTC INDIAN RAILWAYS यात्रियों के लिए खुशखबरी, इस ट्रेन से ‘मूवी कोच’ की शुरुआत
2 सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से ऐन पहले फारूक अब्‍दुल्‍ला पर लगा PSA, बिना ट्रायल दो साल तक रखा जा सकता है नजरबंद
3 बीजेपी की रैली में अपने खिलाफ नारेबाजी पर भड़के सीएम फडणवीस, पूछा- आर्टिकल 370 लागू है क्या?