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फेसबुक, ट्व‍िटर पर भारतीय सेना के खिलाफ इस तरह फैलाया जा रहा प्रोपेगैंडा

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट रणबीर जैसे बड़े पदों पर तैनात करीब 50 आर्मी अफसरों के फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाए गए।

Author नई दिल्ली | Published on: September 18, 2019 2:57 PM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (ANI)

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भी पहुंच गया है, जहां पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया यूजर्स भारतीय सेना और सरकार के खिलाफ भ्रामक जानकारियां फैलाने में जुटे हैं।

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट रणबीर जैसे बड़े पदों पर तैनात करीब 50 आर्मी अफसरों के फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाए गए। इनके जरिए भारतीय सेना के खिलाफ फर्जी जानकारियां साझा की जा रही है। एक सीनियर अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर एक अंग्रेजी अखबार को यह जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व सैन्य अधिकारी के फर्जी अकाउंट से लिखा गया, ‘पिछले छह दिनों में पाकिस्तानी सेना द्वारा अचानक किए गए हमले में 69 भारतीय सैनिकों को मार दिया गया।’ ऐसे ही पूर्व DGMO के फर्जी अकाउंट से ट्वीट कर लिखा गया, ‘इंटेलीजेंट सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक 700 से ज्यादा कश्मीरी नागरिकों की हत्या की जा चुकी है। हजारों में महिलाओं का रेप किया गया। पूरी तरह ब्लैकआउट है। स्कूल और कॉलेज अभी बंद हैं। हमें शर्म आनी चाहिए।’

आर्मी स्टाफ के पूर्व वाइस चीप देवराज अंबु का फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाकर लिखा गया, ‘जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करना एक बहुत बड़ी गलती है।’ खास बात है कि एक फर्जी अकाउंट पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल श्रीकांत पुरोहित का बनाया गया। यहां बता दें कि श्रीकांत पुरोहित वहीं है जो मालेगांव धमाकों में आरोपी रहे और अभी जमानत पर बाहर हैं।

सेना में एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच अगस्त के बाद से ऐसे फर्जी अकाउंट तेजी से उछाल देखने को मिला है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त कर प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। केंद्र शासित बनाए गए जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी जबकि लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।

चौंकाने वाली है जो फर्जी अकाउंट बनाए गए उनके फॉलोअर्स की संख्या भी खूब है। पूर्व भारतीय सैन्य अधिकारी के फर्जी अकाउंट को करीब 1500 लोग फॉलो करते हुए पाए गए।

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