पंजाब के फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में स्टूडेंट्स के हंगामे के बीच पकड़े गए 5 संदिग्धों को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जालंधर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) नवीन सिंगला ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि पुलिस ने वॉकी-टॉकी सेट के साथ जिन 5 लोगों को गिरफ्तार किया था वह आर्मी के ऑफिसर निकले हैं। सिंगला ने बताया कि इस मामले में उनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि वह सेना के अफसर थे।
नवीन सिंगला के मुताबिक, यूनिवर्सिटी कैंपस में वॉकी-टॉकी सेट ले जाने वाले लोग इंडियन आर्मी के ऑफिसर और पैराशूट रेजिमेंट की स्पेशल फोर्स बटालियन के अधिकारी थे। उन्होंने बताया कि वह कैंपस में अपने बच्चों को लेने आए थे। सिंगला ने साफ किया है कि वह किसी भी तरह के घुसपैठिए नहीं थे।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के साथ हुई मीटिंग
सोमवार को नवीन सिंगला ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि LPU के वाइस-चांसलर यूनिवर्सिटी के दूसरे अधिकारियों और स्टूडेंट रिप्रेजेंटेटिव के साथ उनकी शिकायतों पर चर्चा करने और उन्हें हल करने की दिशा में काम करने के लिए एक मीटिंग कर चुके हैं। इस मीटिंग में स्टूडेंट्स की ओर से कुछ मांगे रखी गईं जिन्हें यूनिवर्सिटी प्रशासन को बता दिया गया है।
LPU में 10 दिन की छुट्टी घोषित
सिंगला ने कहा कि यूनिवर्सिटी में अब एकदम शांति है और 10 दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है जिसके बाद 14 हजार से अधिक स्टूडेंट्स अपने घर चले गए हैं। DIG ने कहा है कि वह एक हॉस्टल में रहने वाली लड़की से भी मिले, जहां से शिकायतें सामने आई थीं और उनसे डिटेल में बात की। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को कुछ आशंकाएं थीं, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज करने और मामले की डिटेल में जांच करने का फैसला किया।
कई पॉलिटिकल लीडर्स ने की थी जांच की मांग
बता दें कि LPU कैंपस में वॉकी-टॉकी के साथ पकड़े गए संदिग्धों को लेकर कई पॉलिटिकल लीडर्स ने कैंपस की सुरक्षा को लेकर मुद्दा उठाया था। 5 संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग वॉकी-टॉकी, बैट और हथियार लेकर दिखाई दिए। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की थी।
जांच के लिए गठित हुई SIT
पंजाब पुलिस ने LPU में हंगामे के बाद पूरी घटना की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है जो इसी मुद्दे को देखेगी। SIT में जालंधर रूरल के पुलिस सुपरिटेंडेंट (डिटेक्टिव) विनीत अहलावत, फगवाड़ा के SP मेजर सिंह, CIA स्टाफ इंचार्ज बलविंदर सिंह और इंस्पेक्टर अमनप्रीत कौर शामिल हैं। इसके अलावा कई CCTV एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है। जांच में मदद के लिए पांच स्टूडेंट रिप्रेजेंटेटिव को भी शामिल किया गया है।
DGP ने किया LPU कैंपस का दौरा
सोमवार को पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) गौरव यादव ने LPU कैंपस का दौरा किया और स्टूडेंट की अशांति के बाद मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 26-27 सितंबर की रात को कैंपस में कुछ घटनाओं की अफवाहों के बाद यहां अशांति पैदा हुई थी। बड़ी संख्या में स्टूडेंट इकट्ठा हुए, जिसके बाद तोड़फोड़ हुई और एक गेट के एक हिस्से में आग लगा दी गई। गौरव यादव ने कहा, “पुलिस ने स्टूडेंट के खिलाफ बल का इस्तेमाल न करने का सोच-समझकर फैसला किया था क्योंकि वे हमारे बच्चों की तरह हैं और इसके बजाय स्टूडेंट और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के बीच एक ब्रिज का काम किया।”
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