ताज़ा खबर
 

पुराने नोटों को निपटाने में सरकार की मदद करेगी इंडियन आर्मी

सरकार को नई मुद्रा की छपाई व परिवहन में मदद करने के बाद सेना अब नोटबंदी के बाद बैंकों में आए पुराने नोटों को निपटाने में सरकार की मदद करेगी।

Author नई दिल्ली | May 23, 2017 5:11 PM

सरकार को नई मुद्रा की छपाई व परिवहन में मदद करने के बाद सेना अब नोटबंदी के बाद बैंकों में आए पुराने नोटों को निपटाने में सरकार की मदद करेगी। सेना के सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने सेना से मुद्रा की जांच के लिए 15 टीमें देने के लिए कहा है। हालांकि, अधिकारियों ने इस काम में शामिल सैनिकों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है। यह साफ नहीं है कि निपटान के लिए कौन-सा तरीका अपनाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “इनकी तैनाती 26 मई तक पूरी हो जाएगी।

अधिकारी ने इस बात से इंकार किया कि सेना के जवान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को सुरक्षा प्रदान करेंगे। सरकार द्वारा लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी गई सूचना के अनुसार, जिस दिन नोटबंदी की घोषणा की गई, उस दिन करीब 8,58,253 करोड़ रुपये 500 रुपये के नोटों में व 6,85,782 करोड़ रुपये 1,000 रुपये के नोटों में थे।

जबकि आरबीआई ने कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है कि बैंकों में कितनी पुरानी मुद्रा आई। यह अनुमान किया गया है कि करीब 15 लाख करोड़ रुपये वापस आए हैं। यह प्रचलन में रहे 500 व 1000 रुपये के नोटों का करीब 95 फीसदी है। नोटबंदी के बाद 500 रुपये व 2000 रुपये के नए नोटों की छपाई में भारतीय सेना को बैंक नोट प्रेस द्वारा कर्मियों की कमी की वजह से बुलाया गया, ताकि 24 घंटे काम हो सके।
भारतीय वायुसेना ने सी-130एस व सी-17 विमानों का इस्तेमाल कर नोटबंदी के बाद 600 टन से ज्यादा की नई मुद्रा की ढुलाई की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को 500 रुपये व 1000 रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी।

बता दें नोटबंदी के बाद 91 लाख नए लोग कर के दायरे में आए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज यह जानकारी देते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद बेहिसाबी धन ‘गुमनाम’ नहीं रहा। इस वजह से करदाताओं की संख्या में 91 लाख का इजाफा हुआ। ‘स्वच्छ धन अभियान’ पर एक नई वेबसाइट का शुभारंभ करते हुए जेटली ने कहा कि पिछले साल 8 नवंबर को ऊंचे मूल्य के नोट बंद करने के फैसले से डिजिटलीकरण को प्रोत्साहन मिला है, आयकरदाताआें की संख्या में इजाफा हुआ है और कर राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा नकद में लेनदेन में भी कमी आई है।  वित्त मंत्री ने बताया कि 91 लाख नए लोग कर के दायरे में आए हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगे चलकर कर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में और वृद्धि होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद व्यक्तिगत आयकर संग्रहण बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नए पोर्टल से ईमानदार करदाताआें को फायदा होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड :सीबीडीटी: के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि नोटबंदी के बाद आयकर रिटर्न की ई फाइलिंग में 22 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।  सीबीडीटी के प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी के बाद 17.92 लाख ऐसे लोगों का पता लगाया गया है जिनके पास जमा कराई गई नकदी का हिसाब किताब नहीं है। इसके अलावा कर विभाग ने एक लाख संदिग्ध कर चोरी के मामलों का पता लगाया है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद 16,398 करोड़ रच्च्पये की अघोषित आय का पता लगाया गया है। चंद्रा ने कहा कि 17.92 लाख लोगों द्वारा जमा कराई गई नकदी या नकद लेनदेन उनकी आमदनी से मेल नहीं खाता। इनमें से 9.72 लाख लोगों ने आयकर विभाग की ओर से भेजे गए एसएमएस और ई-मेल का जवाब दिया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App