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जम्मू-कश्मीर से अफस्पा हटाने का विरोध

सेना ने जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र सीमा विशेष अधिकार अधिनियम (अफ्सपा) और अशांत क्षेत्र कानून (डीएए) को हटाने के किसी भी कदम का शनिवार को विरोध करते हुए कहा कि यदि इन्हें हटाया जाता है तो चरमपंथ और घुसपैठ के स्तर को घटाने में सुरक्षा बलों को मिली बढ़त तेजी से उलट सकती है।

पठानकोट | February 21, 2016 2:56 AM

सेना ने जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र सीमा विशेष अधिकार अधिनियम (अफ्सपा) और अशांत क्षेत्र कानून (डीएए) को हटाने के किसी भी कदम का शनिवार को विरोध करते हुए कहा कि यदि इन्हें हटाया जाता है तो चरमपंथ और घुसपैठ के स्तर को घटाने में सुरक्षा बलों को मिली बढ़त तेजी से उलट सकती है।

पश्चिमी कमान के एक समारोह के बाद कमान के जनरल आॅफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हमें अफ्सपा और डीएए को जारी रखना चाहिए। वे (जम्मू-कश्मीर में) लागू रहने चाहिए। वह जम्मू-कश्मीर में कुछ राजनीतिक दलों द्वारा अफ्सपा हटाने की मांग के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा परिदृश्य में हमें अवश्य समझना चाहिए कि अशांत क्षेत्र अधिनियम नाम की कुछ चीज कही जाती है।

जो क्षेत्र अशांत है, वहां यह लागू किया जाता है और स्वत: ही वहां अफ्सपा लागू हो जाता है।’ सेना कमांडर ने कहा कि उनके विचार से अब घुसपैठ कम हो गई है। हमने चरमपंथ का स्तर कम किया है। इसलिए हमें अफ्सपा जारी रखना चाहिए ताकि क्षेत्र पर नियंत्रण बना रहे क्योंकि पुराने बुरे दिन तेजी से लौट आने का दस्तूर रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से 200 से 300 आतंकवादी (भारत में घुसपैठ के लिए प्रतीक्षा कर रहे) हैं।

सिंह ने कहा, ‘इसलिए, हम अपने पड़ोसी को सलाह देते हैं कि उन्हें यह महसूस करना चाहिए कि जो लोग आतंकवादी हैं, उन्हें अच्छे या बुरे आतंकवादी या अपने एजेंटों में नहीं वर्गीकृत किया जाना चाहिए।’ पठानकोट आतंकवादी हमले में पाकिस्तानी के शामिल होने के बारे में पूछे गए अन्य सवाल के जवाब में सैन्य कमांडर ने कहा, ‘पूर्व सहभागिता है। आपने (आतंकवादियों से बरामद किए गए) जूते, खाने के पैकेट देखे हैं। आपने जैश-ए-मोहम्मद का एक नोट देखा है जिसमें दावा किया गया है कि उसने उधमपुर से सांबा और आगे, अफजल गुरू का बदला लिया है।’

सिंह ने कहा, ‘पाकिस्तान के लोगों की पूर्ण सहभागिता है और यह जांच का विषय है कि (इसमें शामिल) राज्य की एजेंसियां शामिल हैं कि नहीं।’ उन्होंने कहा कि जैश-ए-मुहम्मद वहां है और उनके लोगों की पूर्ण सहभागिता है। सुरक्षा तालमेल में कथित गड़बड पर सिंह ने कहा कि जांच चल रही है। अगर मैं कोई टिप्पणी करूंगा तो यह उचित नहीं होगा। एनआइए जांच कर रही है। सेना ने भी विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। सिंह ने कहा कि हमने अतीत से सीख ली है। हमारे प्रधानमंत्री ने भी कहा कि ऐसी घटनाओं से सीख ली गई है। उन सीखों और सुधारों को लागू किया गया है और कुछ को लागू किया जा रहा है, इसलिए हम तैयार हैं।’

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