ताज़ा खबर
 

लड़ाकू शाखा में शामिल महिला सैनिकों पर बोले सेना प्रमुख विपिन रावत, कहा – उन्हें ज्यादा सुविधाओं की मांग नहीं करनी चाहिए

अग्रिम पंक्ति को छोड़ कर सेना की लड़ाकू शाखा में महिलाओं की मौजूदगी का जिक्र करते हुए जनरल रावत ने याद दिलाया कि जब वे लोग गश्त पर जाते हैं तब शौचालय की कोई सुविधा नहीं होती।

Author January 14, 2017 12:06 PM
भारत ने 27वें आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत। PTI Photo by Atul Yadav

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने शुक्रवार (13 जनवरी) को कहा कि समान अवसर, समान जिम्मेदारी लाता है और यह फैसला करना महिलाओं पर निर्भर है कि क्या वे किसी अलग या अतिरिक्त सुविधाओं के बगैर अग्रिम पंक्ति की लड़ाकू भूमिका में पुरूषों के साथ आने को तैयार हैं। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि जब टैंक बाहर निकलते हैं तब पुरूषों को उसके नीचे ही रात में सोना पड़ता है और कोई अलग सुविधा नहीं होती। अग्रिम पंक्ति को छोड़ कर सेना की लड़ाकू शाखा में महिलाओं की मौजूदगी का जिक्र करते हुए जनरल रावत ने याद दिलाया कि जब वे लोग गश्त पर जाते हैं तब शौचालय की कोई सुविधा नहीं होती।

उन्होंने 31 दिसंबर को सेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद अपने प्रथम सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपको समाज को समग्र रूप में देखना होगा। मैंने कहा है कि यदि हम महिलाओं को लड़ाकू भूमिका में लाते हैं तो उन्हें अपने पुरूष समकक्षों की तरह ही समान जिम्मेदारी साझा करनी होगी क्योंकि समान अवसर से अवश्य ही समान जिम्मेदारी आनी चाहिए। इसका मतलब है कि उन्हें ठीक वही काम करना होगा।’’

टैंकों में सैनिकों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनमें से प्रत्येक में तीन कर्मियों की एक ईकाई होती है और जब वे बाहर जाते हैं या युद्ध में होते हैं तो वे सिर्फ टैंक के नीचे ही सोते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तीन लोगों के चालक दल के पास एक स्टोव (चूल्हा) होता है। वे खाना पकाते हैं और टैंक के नीचे सोते हैं।’’ उन्होंने कहा कि इन लोगों को शौचालय की या रहने की कोई सुविधा नहीं दी जाती है।

इस वक्त की बाकी ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

देखिए संबंधित वीडियो

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App