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तुरंत रोका जाए सेना का राजनीतिकरण- पूर्व सैन्य प्रमुखों और अफसरों की राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी की बड़ी बातें

जिस तरह सेना का इस्तेमाल राजनीतक प्रचार-प्रसार के लिए हो रहा है उससे सेना का मनोबल कम हो रहा है।

पूर्व सैन्य प्रमुखों ने कहा कि सेना का राजनीतिकरण तुरंत रोका जाए। (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

पूर्व सैन्य प्रमुखों और सैन्य अधिकारियों की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक चिट्ठी लिखी गई है। इस चिट्ठी के जरिए सेना के राजनीतिकरण पर तुरंत रोक की मांग की गई है। हालांकि दो पूर्व सैन्य प्रमुखों ने इस चिट्ठी पर दस्तख्त से साफ इनकार किया है, जिसके बाद से यह चिठ्ठी सवालों के घेरे में हैं। वहीं रिटार्यड जनरल शंकर राय चौधरी ने साफ किया है कि उन्होंने इसपर दस्तखत किए हैं। फिलहाल इस चिठ्ठी की प्रमाणिकता पर विवाद शुरू हो गया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फौजियों के दस्तख्त फर्जी हैं. तो वहीं राष्ट्रपति भवन की तरफ से कहा गया है कि उन्हें अभी तक ऐसी कोई चिट्ठी नहीं मिली है। अंग्रेजी अखबार, द टेलिग्राफ ने इस चिट्ठी को प्रकाशित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी यह है

माननीय श्री रामनाथ कोविंद,
भारत के राष्ट्रपति और भारतीय सेना के प्रमुख कमांडर
राष्ट्रपति भवन
नई दिल्ली

माननीय रामनाथ कोविंद जी,
हम सेना के पूर्व अधिकारी हैं और हमने बीते कई दशक के दौरान विपरीत हालातों में देश की रक्षा का दायित्व निभाया है। भारत की सशस्त्र सेनाओं की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति हम सभी के बीच विश्वास बढ़ाती है। ये सेना हमारे देश की सेना है। भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा में सेना को व्यापक रूप से सराहा जाता है। देश के हर जवान को देश के संविधान पर निष्ठा है। यह संविधान आपको भारतीय सेना के प्रमुख कमांडर के रूप में स्थापित करता है। हमारी सेना (आर्मी, वायु सेना और नेवी) कभी भी किसी मुद्दे पर अपनी राय नहीं रखती चाहे वह मुद्दे उन्हें प्रभावित ही क्यों न करते हों। ऐसा इसलिए भी क्योंकि हम सभी सैन्य कानून के अधीन हैं।

लेकिन हम आपके सामने उस एक मुद्दे को रख रहे हैं जिससे न सिर्फ सेना के जवान बल्कि रिटायर्ड अधिकारी भी प्रभावित हो रहे हैं। माननीय प्रमुख कमांडर,  इन दिनों सेना का राजनीतिकरण जोरों पर है। जो हो रहा है उससे हम सभी चिंतित हैं।

राजनेता सेना का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं। वह क्रॉस बॉर्डर स्ट्राइक का खुलेआम श्रेय ले रहे हैं, यहां तक कि सेना को ‘मोदी जी की सेना’ की उपाधि दी जा रही है। मीडिया में कई ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिनमें सेना की वर्दी, सेना के जवान खासतौर पर विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की फोटो का इस्तेमाल चुनावी रैली में किया गया। इससे पहले सेना के ही अधिकारी ने चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘मोदी की सेना’ वाले बयान की शिकायत की थी जो कि बेहद सराहनीय है। हालांकि चुनाव आयोग की तरफ से सीएम को नोटिस जारी किया गया लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा।

माननीय राष्ट्रपति, हम आपका ध्यान इस ओर खींचना चाहते हैं कि आम चुनाव शुरू हो चुके हैं। जिस तरह सेना का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार-प्रसार के लिए हो रहा है उससे सेना का मनोबल कम हो रहा है।  यह देश की सुरक्षा और अखंडता को निश्चित तौर पर प्रभावित करेगा।

इसलिए हम आपसे अपील करते हैं कि हमारे सशस्त्र बलों का राजनीतिकरण तुरंत रोका जाए।

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