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कश्मीरी हिंदुओं पर डिबेटः पूछने लगे अर्णब- मिर्ची क्यों लगी? पैनलिस्ट ने दिया यह जवाब

बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं को कई बार विस्थापित होना पड़ा है। 1989-90 में कश्मीरी हिंदुओं को सातवीं बार विस्थापित होना पड़ा था।

kashmiri pandit, tv debate, kashmirसाल 1990 में कश्मीरी पंडितों को सातवीं बार घाटी से विस्थापित होना पड़ा था। पिछले काफी समय से कश्मीरी पंडित दोबारा से घाटी में बसने की मांग कर रहे हैं। ( एक्सप्रेस फोटो )

बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि भविष्य में घाटी से कश्मीरी पंडितों का विस्थापन नहीं होगा और जो वहां से चले गए हैं, उनका शीघ्र ही पुनर्वास कराया जाएगा। इसी मुद्दे पर जब रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी ने डिबेट शो में मौजूद पैनलिस्ट से पूछा कि आपको कश्मीरी पंडितों के घर वापसी पर मिर्ची क्यों लग रही है। इस पर डिबेट में मौजूद पैनलिस्ट ने भी अर्नब गोस्वामी को कहा कि आप बताइए कि कितने लोग इसका विरोध कर रहे हैं।  

दरअसल रिपब्लिक टीवी पर डिबेट के दौरान एंकर अर्नब गोस्वामी ने पैनलिस्ट सैयद फजल कसानी से चीखते हुए पूछा कि आप कहां हो, दिल्ली में हो या हैदराबाद में हो। इसपर सैयद कसानी ने अर्नब गोस्वामी को जवाब देते हुए कहा कि मैं कहीं भी हूं, इससे क्या, आप भाजपा के लोगों से सवाल क्यों नहीं पूछते हो कि उन्होंने आजतक कितने कश्मीरी पंडितों को बसाया है। दोबारा से अर्नब के द्वारा यही सवाल पूछे जाने पर कसानी ने कहा कि मैं कहां हूं, इसमें आपको इतनी दिलचस्पी क्यों है। आप भाजपा से सवाल क्यों नहीं पूछ रहे हैं।

सैयद कसानी के इतना कहते ही अर्नब ने कहा कि अगर कश्मीरी पंडित वापस से कश्मीर जाना चाहते हैं तो आपको मिर्ची क्यों लग रही है। सरकार ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास का ऐलान किया है तो सबको मिर्ची लग गई है। इसपर सैयद कसानी ने कहा कि किसी को मिर्ची नहीं लगी है। आप बताइए कि कितने कश्मीरी यहां पुनर्वास के लिए आ रहे पंडितों का विरोध कर रहे हैं। साथ ही सैयद कसानी ने एक पैनलिस्ट से कहा कि आप तो चुप ही बैठिए, आप का तो घर कश्मीरी पंडितों के मसलों पर चलता है। 

बता दें कि बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह  दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं को कई बार विस्थापित होना पड़ा है। 1989-90 में कश्मीरी हिंदुओं को सातवीं बार विस्थापित होना पड़ा था। आगे उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह अंतिम विस्थापन होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अगला कश्मीरी नववर्ष कश्मीर में ही मनाया जाएगा।

इसके अलावा दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35-ए का ख़त्म होना जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए एक मील का पत्थर है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार को कश्मीर में रहने वाले हिंदू लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए माहौल बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए।

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