ताज़ा खबर
 

कृषि कानूनों पर समिति की पहली बैठक कल

नए कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति नई दिल्ली के पूसा परिसर में मंगलवार, 19 जनवरी को अपनी पहली बैठक करेगी। समिति के सदस्यों में शामिल अनिल घनवट ने यह जानकारी दी।

Author नई दिल्‍ली | Updated: January 18, 2021 9:18 AM
farmerअपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान। फाइल फोटो।

इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट नए कृषि कानूनों से जुड़ी याचिकाओं और किसानों के चल रहे प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। शीर्ष न्यायालय ने केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के क्रियान्वयन पर 11 जनवरी को अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी थी। साथ ही, अदालत ने गतिरोध का हल निकालने के लिए चार सदस्यीय एक समिति भी नियुक्त की थी। हालांकि, भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान पिछले हफ्ते समिति से अलग हो गए थे। घनवट के अलावा, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और प्रमोद कुमार जोशी समिति के दो अन्य सदस्य हैं।

शेतकारी संगठन (महाराष्ट्र) के प्रमुख घनवट ने कहा, ‘हम लोग पूसा परिसर में 19 जनवरी को बैठक कर रहे हैं। भविष्य की रणनीति पर फैसला करने के लिए सिर्फ सदस्य ही बैठक में शामिल होंगे।’ उन्होंने कहा कि चार सदस्यों में एक ने समिति छोड़ दी है। यदि शीर्ष न्यायालय कोई नया सदस्य नियुक्त नहीं करता है, तो मौजूदा सदस्य सौंपा गया कार्य जारी रखेंगे।

विवादास्पद कृषि कानूनों से जुड़ी याचिकाओं और किसानों के प्रदर्शन पर शीर्ष न्यायालय में सोमवार को सुनवाई होना है। शीर्ष न्यायालय केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा, जो दिल्ली पुलिस के मार्फत दायर की गई है। याचिका के जरिए, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में व्यवधान डाल सकने वाले किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली या इसी तरह के अन्य प्रदर्शन को रोकने के लिए न्यायालय से आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

साथ ही, अदालत एक सदस्य के समिति से बाहर जाने के विषय पर भी उस दिन गौर कर सकता है। घनवट ने कहा कि समिति को उसके कार्य क्षेत्र का विवरण प्राप्त हुआ है और 21 जनवरी से काम शुरू होगा।

शीर्ष न्यायालय द्वारा समिति गठित किए जाने के बाद सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के साथ समानांतर वार्ता करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होने कहा, ‘हमारी समिति के जरिए या फिर प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के साथ सरकार की अलग वार्ताओं से (दोनों में से किसी की भी कोशिश से) यदि समाधान निकल जाता है और प्रदर्शन खत्म हो जाता है, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें (सरकार को) चर्चा जारी रखने दीजिए, हमें एक कार्य सौंपा गया है और हम उस पर पूरा ध्यान देंगे।’

Next Stories
1 एनआइए समन पर किसान नेताओं ने जताई नाराजगी
2 अपने ही जाल में फंसी टीएमसी! अब डरा सता रहा ‘बाहरी’ मुद्दे पर एक बड़ा वोट बैंक छीन सकती है भाजपा
3 टीआरपी घोटाला: रिपब्लिक के अर्नब गोस्वामी और पूर्व बार्क सीईओ की WhatsApp चैट देश की सुरक्षा पर सवाल- कांग्रेस
यह पढ़ा क्या?
X