बेंगलुरु में भारत और फ्रांस के बीच छठा वार्षिक रक्षा संवाद संपन्न हो गया है। दोनों ही देशों के बीच कई मु्द्दों पर सहमति बनी है। रक्षा के लिहाज से कई अहम समझौते भी हुए हैं। यहां भी सबसे बड़ा ऐलान राफेल विमान को लेकर है। 50 फीसदी तक ये अत्याधुनिक फाइटर जेट भारत में मैन्युफैक्चर किए जाएंगे। इसके अलावा फ्रेंच एरो इंजन्स के लिए मैंटेनेंस रिप्येर ओवरहॉल यानी कि MRO की कई फैसिलटी भी देश आने वाली हैं।

भारत-फ्रांस के बीच रक्षा समझौते

रक्षा मंत्रालय ने एक जारी बयान में बताया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस से कैथरीन वाउटरिन के बीच सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता हुई है। इसके अलावा सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बातचीत में इस बात को भी प्राथमिकता दी गई कि आगे चलकर तकनीक की दिशा में भी दोनों देशों को एकसाथ मिलकर काम करना होगा।

राफेल को लेकर बड़ा ऐलान

वैसे भारत और फ्रांस के बीच रक्षा समझौतों को लेकर जो मंथन हुआ है, उसमें राफेल डील को सबसे निर्णायक माना जा रहा है। असल में कुछ दिन पहले ही 114 अतिरिक्त राफेल खरीदने का रास्ता भारत सरकार द्वारा साफ कर दिया गया है, यहां भी 90 विमानों को देश में ही मैन्युफैक्चर करने पर सहमति बनी है। इसके अलाव वार्षिक संवाद में इस बात पर भी सहमति बन गई है कि दोनों ही देश भारतीय सेना और फ्रांसीसी थल सेना के प्रतिष्ठानों में अधिकारियों की नियुक्ति करेंगे।

पीएम मोदी-मैक्रों ने क्या कहा?

हैमर मिसाइल को लेकर भी भारत और फ्रांस के बीच में एग्रीमेंट हुआ है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) और सैफरन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष के बीच यह डील हुई है। अब एक तरफ रक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के बीच भी महत्वपूर्ण वार्ता हुई है। पीएम मोदी ने उस बारे में कहा था कि ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का मतलब है कि दोनों देश सिर्फ व्यापार या हथियारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, समुद्री इलाकों की सुरक्षा और बड़े वैश्विक मुद्दों पर साथ मिलकर काम करेंगे।

वहीं मैक्रों ने बोला था कि यह सिर्फ रक्षा सौदों तक सीमित बात नहीं है, बल्कि यह दो बड़े देशों की मजबूत साझेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस जमीन, समुद्र और आसमान हर सेक्टर में अपनी इच्छा और भरोसे के साथ एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।

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