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1 करोड़ देने के अलावा किसानों के लिए क्या किया है, भाजपा प्रवक्ता ने सिंगर पर उठाया सवाल तो मिला ये करारा जवाब

बीजेपी प्रवक्ता संजु वर्मा ने बहस के दौरान दिलजीत दोसांझ पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उन्होने 1 करोड़ देने के अलावा किसानों के लिए क्या किया है? इसपर अल्का लांबा ने कहा "सिर्फ एक करोड़? आपके पीएम केयर फंड में देते तो बेहतर होता है ना ? गलती की किसानों को दे दिये।

Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: December 17, 2020 10:26 AM
संजु वर्मा ने पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ पर तंज़ कसा है।

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ राजधानी दिल्ली से सटे बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन पिछले 22 दिन से जारी है। इसे लेकर रोजाना टीवी न्यूज़ चैनलों में डिबेट हो रही है। टीवी चैनल ‘न्यूज़ 24’ के एक शो में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रवक्ता संजु वर्मा ने पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ पर तंज़ कसा है।

बीजेपी प्रवक्ता ने बहस के दौरान दिलजीत दोसांझ पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उन्होने 1 करोड़ देने के अलावा किसानों के लिए क्या किया है? संजु वर्मा ने कांग्रेस नेता अल्का लांबा से कहा कि आप लोग उमर खालिद और सरजील इमाम की रिहाई की बात करते हैं। जिन्हें यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया है। उमर और सरजील का किसान आंदोलन से क्या लेना देना है। दिलजीत बड़ी-बड़ी बातें करते हैं उन्होने आज तक किसानों के लिए क्या किया। सिर्फ 1 करोड़ दिये हैं।

इसपर अल्का लांबा ने कहा “सिर्फ एक करोड़? आपके पीएम केयर फंड में देते तो बेहतर होता है ना ? गलती की किसानों को दे दिये। इसी बीच एक बार फिर कंगना ने दिलजीत पर निशाना साधा है। कंगना ने एक वीडियो पोस्ट किया है जो कि टाइम्स नाऊ की डिबेट शो का क्लिप है। इसमें किसान प्रोटेस्ट, पीएम मोदी और राहुल गांधी को लेकर बहस चल रही है।

इस वीडियो को शेयर कर कंगना कैप्शन में दिलजीत दोसांझ और प्रियंका चोपड़ा को टैग कर पूछती हैं- ‘किसानों की लागत अब तक 70,000 करोड़ है। इसकी वजह से उद्योगों और छोटे कारखानों में आर्थिक मंदी शुरू हो गई है। हो सकता है इस वजह से दंगे भी हों। दिलजीत दोसांझ और प्रियंका चोपड़ा अब बताओ इसका जिम्मेदार कौन होगा? कौन इसका भुगतान करेगा?’

वहीं किसानों को सड़कों से हटाने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई होगी। पिटीशनर्स का कहना है कि आंदोलन के चलते रास्ते जाम होने से जनता परेशान है और कोरोना का खतरा भी बढ़ रहा है। इस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। कुछ पिटीशनर्स ने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग भी की है।

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