TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बुधवार का दिन दो बड़े झटकों वाला रहा। दीदी के दो पुराने करीबी नेताओं ने टीएमसी छोड़ने का ऐलान कर दिया। इसमें एक नाम मदन मित्रा का है तो दूसरा अनुब्रत मंडल का। ये दोनों ही टीएमसी के शासनकाल के दौरान ममता बनर्जी की एक बड़ी ताकत माने जाते थे। इन नेताओं के पार्टी छोड़ने पर पूर्व सीएम पहली प्रतिक्रिया आई है।

दरअसल, मदन मित्रा और अनुब्रत मंडल के पार्टी छोड़ने के बाद ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने पहले राज्य के पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने दोनों अहम नेताओं के पार्टी छोड़ने को लेकर कहा कि वे जनता से माफी मांग रही हैं, क्योंकि उन्होंने इन नेताओं के लिए जनता से वोट मांगे थे।

ममता बनर्जी ने पुलिस पर बोला हमला

पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, “हमें जानबूझकर हराया गया। एक दिन यह साबित हो जाएगा। मैं पुलिस का सम्मान करती हूं, लेकिन वे बीजेपी कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं और हमारे नेताओं को धमका रहे हैं।”

ममता बनर्जी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “पुलिस धमकी दे रही है कि या तो बीजेपी में शामिल हो जाएं या दूसरे खेमे में चले जाएं। अगर नहीं तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। अगर मैंने जानबूझकर ऐसा किया होता तो हमें इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन मैं अपनी अंतरात्मा नहीं बेचती।”

जनता से मांगी माफी

लगातार पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को लेकर ममता बनर्जी ने कहा, “मैं उन लोगों से माफी मांगती हूं जिन्होंने हमारे चिन्ह पर चुनाव लड़ने वाले इन लोगों को वोट दिया। जिनके अपने निजी स्वार्थ हैं, वे दूसरे खेमों में शामिल हो रहे हैं।”

पहले मदन मित्रा ने छोड़ी पार्टी

बुधवार को पहले ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले मदन मित्रा ने ममता गुट का साथ छोड़ दिया, और खुद को असली टीएमसी बताने वाले ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट में शामिल हो गए। हालांकि, अभी ममता बनर्जी को ही आधिकारिक अध्यक्ष मना जा रहा है क्योंकि चुनाव आयोग ने टीएमसी और उसके बागी गुटों की मांग पर कोई फैसला नहीं दिया है।

टीएमसी से इस्तीफा देने के बाद विधायक मदन मित्रा ने कहा, “मैंने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि मैं ममता बनर्जी की टीएमसी में प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा था। मैं उन सभी समितियों से हट गया हूं जिनका मैं सदस्य था। ममता बनर्जी के कई पुराने सहयोगी पार्टी छोड़ रहे हैं क्योंकि मेरे विचार में नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाय अभिषेक बनर्जी को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। टीएमसी किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है।”

मदन मित्रा ने कहा, मैंने कई बार ममता बनर्जी के सामने ये चिंताएं उठाईं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया। मेरे विचार में अभिषेक बनर्जी केवल अपनी शर्तों पर फैसले लेना चाहते हैं और दूसरों को कोई सार्थक भूमिका निभाने की अनुमति नहीं देते हैं। परिणामस्वरूप, मेरा मानना ​​है कि पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है।”

अनुब्रत मंडल भी बागी गुट में शामिल

मदन मित्रा के कुछ देर बाद अनुब्रत मंडल के भी ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत करने की खबर आ गई। अनुब्रत मंडल ने कहा, “मैंने ममता बनर्जी की वजह से नहीं, बल्कि अभिषेक बनर्जी की वजह से पार्टी छोड़ी। मुझे अभिषेक बनर्जी की वजह से जेल जाना पड़ा। तृणमूल कांग्रेस के पतन के पीछे अभिषेक बनर्जी ही कारण हैं। मैंने ममता बनर्जी से बार-बार हालात सुधारने को कहा, लेकिन ममता बनर्जी न तो देखती हैं और न ही सुनती हैं।” मदन मित्रा की तरह अनुब्रत मंडल भी टीएमसी के ऋतब्रत बनर्जी वाले गुट में शामिल गए।

महुआ मोइत्रा ने किया ईडी का जिक्र

मदन मित्रा के पार्टी छोड़ने को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। कल ही उनकी पत्नी, बहुओं और बेटों को ईडी ने तलब किया था। इसलिए, वह ईडी के समन पर गए हैं। वह ईडी के निमंत्रण पर गए हैं। तो हमें यह समझना चाहिए कि जो व्यक्ति परसों ऋतब्रता गुट को गाली दे रहा था, आज वही वहां जाकर ऋतब्रता के बगल में बैठा है।

महुआ मोइत्रा ने कहा, “मदन मित्रा का पार्टी छोड़ना ईडी के स्पेशल समन की वजह से हुआ है, इसलिए हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। हम उनके अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना करते हैं, आशा है कि ऋतब्रत गुट के अधीन काम करते हुए उनका समय अच्छा बीतेगा।” वहीं इस मुद्दे पर टीएमसी विधायक शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा, “मैंने इसके बारे में सुना है, मैं विधानसभा में था, वहीं मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं ममता बनर्जी के घर जा रहा हूं। वहां जाकर उनकी प्रतिक्रिया जानूंगा, पहले उनसे बात करूंगा, उसके बाद ही कुछ कह सकता हूं, उससे पहले नहीं।”

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ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के सामने अपनी राय व्यक्त की है। पार्टी ने कहा कि अगर उन्हें 21 जुलाई को एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो उन्हें दक्षिण कोलकाता के बिड़ला तारामंडल के सामने रैली आयोजित करने की इजाजत दी जाए। पढ़िए पूरी खबर…

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