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चोकसी को गिरफ्तार करने से एंटीगुआ सरकार का इनकार

एंटीगुआ के पब्लिक प्रासीक्यूशन विभाग ने इंटरपोल को लिखित में सूचित किया है कि वह अपने नागरिक को गिरफ्तार नहीं करेगा। भारत को भेजी इंटरपोल की रिपोर्ट में कहा गया है कि एंटीगुआ प्रशासन ने चोकसी को गिरफ्तार करने से साफ इनकार कर दिया।

मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली है।

पंजाब नेशनल बैंक के 13 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के साखपत्र घोटाले में सरकार को तगड़ा झटका लगा है। इस घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को गिरफ्तार करने से एंटीगुआ की सरकार ने इनकार कर दिया है। इस घोटाले में मेहुल चोकसी के साथ उसका भांजा नीरव मोदी मुख्य आरोपी है। इस घोटाले का खुलासा होने के पहले दोनों अपने परिवार के साथ भारत छोड़कर फरार हो गए थे।

नीरव मोदी और उसका परिवार फरार होकर ब्रिटेन में रह रहे हैं। मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली है। भारतीय जांच एजंसियों ने एंटीगुआ से उसे प्रत्यर्पित कर लाने की कार्रवाई शुरू की। इसके लिए एंटीगुआ की सरकार को डोजियर सौंपा गया और उसके खिलाफ वहां की अदालतों में कार्रवाई शुरू की गई। इंटरपोल के जरिए भारतीय एजंसियों ने उसे गिरफ्तार करने के लिए एंटीगुआ सरकार पर दबाव बनाया।

लेकिन एंटीगुआ के पब्लिक प्रासीक्यूशन विभाग ने इंटरपोल को लिखित में सूचित किया है कि वह अपने नागरिक को गिरफ्तार नहीं करेगा। भारत को भेजी इंटरपोल की रिपोर्ट में कहा गया है कि एंटीगुआ प्रशासन ने चोकसी को गिरफ्तार करने से साफ इनकार कर दिया। मेहुल चौकसी के मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनप्रीत वोरा और एंटीगुआ प्रशासन के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई और मेहुल चौकसी का नया डोजियर एंटीगुआ प्रशासन को दिया गया।

इस डोजियर में भारत ने मांग की है कि मेहुल चोकसी का पासपोर्ट रद्द किया जाए। उसे औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर भारत प्रत्यर्पित किया जाए। चोकसी ने साल 2017 मे ही एंटीगुआ की नागरिकता ली थी। मुंबई पुलिस की हरी झंडी के बाद चोकसी को नागरिकता मिली थी। इस पूरे मामले की जांच सीबीआइ और ईडी की टीमें कर रही हैं।

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