ताज़ा खबर
 

मीडिया लेकर गेमप्लान के तहत चाय-नाश्ता लाए थे हरिवंश: राज्यसभा से निलंबित सांसद का आरोप

सुबह निलंबित सांसद के लिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश चाय और नाश्ता लेकर पहुंचे। लेकिन सांसदों ने इसे ठुकरा दिया। रागेश ने कहा कि हमें उनका गेमप्लान समझ आ गया कि यह सब बिहार के लिए किया जा रहा था। उन्हें महसूस हुआ की बिहार में लोग उन्हें नकार रहे हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: September 23, 2020 3:02 PM
rajyasabha, suspended MPs 8 निलंबित सांसदों ने रात संसद के बाहर घास के मैदान में धरना देते हुए बिताई। (indian express)

राज्य सभा में किसान बिल का विरोध करते हुए हंगामा करने वाले विपक्ष के 8 निलंबित सांसदों ने रात संसद के बाहर घास के मैदान में धरना देते हुए बिताई। पश्चिम बंगाल, केरल और दिल्ली में एक दूसरे के विरोधी और वैचारिक रूप से बिलकुल अलग इन सांसदों ने अपने निलंबन के खिलाफ धरना देते हुए महात्मा गांधी की मूर्ति के बगल में रात गुजारी।

निलंबित सांसद – कांग्रेस के राजीव सातव, सैयद नसीर हुसैन और रिपुन बोरा, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और सीपीआईएम के केके रागेश और एलाराम करीम – ने एक शांतिपूर्ण रात बिताई, लेकिन वे लोग थोड़ी देर के लिए भी सो नहीं सके। रागेश ने कहा कि “हम मुश्किल से दो-ढाई घंटे के लिए ही सो पाये। ओ’ब्रायन जैसे कुछ सांसदों ने कपड़े बदले और टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहन लिया ताकि रात को थोड़ा और आरामदायक बनाया जा सके।

सभी आठों सांसद लगभग 3 बजे तक जागते रहे। इस दौरान वे गाना गा रहे थे, कुछ राजनीति पर चर्चा कर रहे थे वहीं कुछ सोशल मीडिया पर लगे हुए थे। डोला सेन ने बताया कि रात को सबसे ज्यादा परेशान मच्छरों ने किया। हुसैन ने कहा “हम सभी 2.30 से 3 बजे तक जाग रहे, इस दौरान राजनीति पर चर्चा हो रही थी, वहीं कुछ लोग वीडियो भेज रहे थे। हम लगभग ढाई घंटे सोए और सुबह 5.30 बजे उठ गए। इसके बाद हमने संसद परिसर के अंदर मॉर्निंग वॉक की।” उन्होंने कहा कि मच्छरों को छोड़कर यह एक शांतिपूर्ण रात थी।

सुबह निलंबित सांसद के लिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश चाय और नाश्ता लेकर पहुंचे। लेकिन सांसदों ने इसे ठुकरा दिया। हुसैन ने कहा कि उनमें से किसी ने भी उप सभापति द्वारा लाई गई चाय या नाश्ता नहीं किया। रागेश ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया “उन्होंने हमें बताया कि वे व्यक्तिगत तौर पर हमसे मिलने आए हैं। यहां आने के लिए उन्होंनेआधिकारिक वाहन का उपयोग भी नहीं किया। हालांकि वह मीडिया के साथ आए थे, हमने शुरू में सोचा था कि वह व्यक्तिगत तौर पर आए हैं। लेकिन बाद में जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर चाय लाने के लिए उनकी प्रशंसा की, तो हमें उनका खेल समझ में आ गया।”

रागेश ने कहा कि हमें उनका गेमप्लान समझ आ गया कि यह सब बिहार के लिए किया जा रहा था। उन्हें महसूस हुआ की बिहार में लोग उन्हें नकार रहे हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बांग्लादेशी भी बन जाते हैं भारतीय नागरिक, पूर्ण जनसंख्या नियंत्रण जरूरी- बोले BJP सांसद निशिकांत दुबे
2 कश्मीर पंडितों का मुद्दा उठा ट्रोल हुए रवीश कुमार, लोग बोले- सीधे कहो 370 हटने से परेशानी
3 Covid-19 Vaccine HIGHLIGHTS: Bharat Biotech कर रहा है कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के तीसरे चरण की तैयारी
IPL 2020 LIVE
X