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पीएम मोदी छूते हैं जिनके पैर, बुजुर्ग नेता ने दी नसीहत- देश की मौजूदा स्थिति खराब, अल्पसंख्यकों को साथ लेकर चले सरकार

प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि "हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी को ऐसा महसूस होना चाहिए कि वह एक परिवार का हिस्सा हैं। सभी एक-दूसरे को गले लगाएं और उनमें नफरत नहीं होनी चाहिए।"

वाराणसी से नामांकन से पहले पीएम मोदी ने बादल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। (एएनआई इमेज)

देश के अलग-अलग हिस्सों में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अब एनडीए सरकार के सहयोगियों ने भी इस कानून को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी है। बता दें कि एनडीए की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल ने गुरूवार को एक जनसभा के दौरान कहा कि सरकार को धर्म के आधार पर किसी का पक्ष नहीं लेना चाहिए। इसके साथ ही बादल ने सभी धार्मिक संप्रदायों के बीच एकता की बात कही।

अमृतसर में एक रैली के दौरान प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि “यह गंभीर चिंता का विषय है कि देश की मौजूदा स्थिति ठीक नहीं है। सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए। यदि कोई सरकार सफल होना चाहती है तो उसे अल्पसंख्यकों को साथ लेकर चलना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि “हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी को ऐसा महसूस होना चाहिए कि वह एक परिवार का हिस्सा हैं। सभी एक-दूसरे को गले लगाएं और उनमें नफरत नहीं होनी चाहिए।”

बता दें कि पीएम मोदी, प्रकाश सिंह बादल की काफी इज्जत करते हैं और कई बार विभिन्न कार्यक्रमों में प्रकाश सिंह बादल के पैर छूते दिखाई दिए हैं। पीएम मोदी ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान जब वाराणसी से नामांकन किया था, उससे पहले भी पीएम मोदी ने प्रकाश सिंह बादल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था।

रैली में प्रकाश सिंह बादल ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि “हमारे संविधान में लिखा है कि हमारा देश सेक्यूलर और लोकतांत्रिक रहेगा। सेक्यूलरिज्म के सिद्धांतों से भेदभाव देश को कमजोर करेगा। जो सत्ता में हैं उन्हें भारत के सेक्यूलर लोकतंत्र के स्वरूप की रक्षा करनी चाहिए।”

गौरतलब है कि बीते माह भी शिरोमणि अकाली दल ने सीएए का विरोध करते हुए दिल्ली चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। हालांकि ऐसी भी खबरें थी कि भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच सीटों के बंटवारे पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका था, जिसके चलते शिअद ने दिल्ली चुनाव नहीं लड़ा था।

हालांकि बाद में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और सुखबीर सिंह बादल के बीच हुई मुलाकात के बाद शिअद ने अपना समर्थन भाजपा को देने का फैसला किया था।

शिअद के कई नेता खुलेआम सीएए का विरोध कर चुके हैं। वहीं पंजाब समेत देश के दूसरे राज्यों के मुसलमानों ने भी सर्वोच्च सिख धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में मुस्लिम नेताओं ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से सीएए के मामले में दखल देने की मांग की थी।

मुस्लिम नेताओं की मांग थी कि जत्थेदार एक हुकुमनामा जारी कर विश्वभर के सिख समुदाय को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को समर्थन देने का हुक्म दें। जत्थेदार ने मुस्लिम नेताओं की इस मांग पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।

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