ताज़ा खबर
 

दिल्‍ली चीफ सेक्रेटरी केस: हड़ताल पर गए कर्मचारी, केंद्र सरकार ने एलजी से मांगी रिपोर्ट

Anshu Prakash, Delhi Chief Secretary Assault Case: आप विधायक अजय दत्‍त ने दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर को पत्र लिखकर मुख्‍य सचिव द्वारा बदसलूकी और जातिवादी टिप्‍पणी किये जाने का आरोप लगाया है। दिल्‍ली कर्मचारी एसोसिएशन ने हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।

Author Updated: February 20, 2018 4:37 PM
उन्नीस फरवरी की रात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर हुई एक बैठक में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट की खबर सामने आई थी।

दिल्‍ली के मुख्‍य सचिव ने दावा किया है कि उन्हें मुख्‍यमंत्री आवास पर आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने गाली दी और हाथापाई की। अधिकारी के अनुसार, घटना सोमवार (19 फरवरी) की शाम की है। मुख्‍य सचिव अंशू प्रकाश ने आरोप लगाया है कि घटना तब हुई जब उन्‍हें मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर राशन वितरण और सरकार के तीन साल पूरे होने पर सरकारी विज्ञापनों की जानकारी लेने बुलाया गया था। बताया जाता है कि बैठक में कुछ विधायक भी मौजूद थे। आम आदमी पार्टी ने आरोपों से इनकार किया है, वहीं प्रकाश ने इस मामले में उप-राज्‍यपाल अनिल बैजल से मिलने का समय मांगा है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि वह इस पूरी घटना से बेहद दुखी हैं। उन्‍होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने इस संबंध में दिल्‍ली के उप-राज्‍यपाल से रिपोर्ट मांगी हैं। आप ने मुख्‍य सचिव के आरोपों को ‘हास्‍यास्‍पद’ बताते हुए प्रकाश पर ‘बीजेपी की शह’ पर काम करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, दिल्ली प्रशासनिक अधीनस्थ सेवाओं के अध्‍यक्ष डीएन सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक हड़ताल पर जाने की बात कही है। इसे ‘संवैधानिक संकट’ बताते हुए उन्‍होंने कहा कि ”हम अपने मुख्‍य सचिव के साथ हैं। जब तक वे (आरोपी) पकड़े नहीं जाते, हम काम पर नहीं लौटेंगे।” हालांकि आईएएस अधिकारी ‘जनहित’ में अपना कामकाज जारी रखेंगे।

आप विधायक अजय दत्‍त ने दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर को पत्र लिखकर मुख्‍य सचिव द्वारा बदसलूकी और जातिवादी टिप्‍पणी किये जाने का आरोप लगाया है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने ‘अपने तानाशाही रवैये के अनुरूप’ सोमवार आधी रात को मुख्य सचिव को बुलाया और अपने विधायकों के समक्ष उन्हें डपटा। गुप्ता ने ट्वीट कर कहा, “सत्ता के नशे में चूर मुख्यमंत्री इस बात को लेकर परेशान थे कि विज्ञापन के लिए क्यों अधिक फंड नहीं दिए जा रहे हैं। आप के तहत यह हालात हैं।” उन्होंने कहा, “जब मुख्य सचिव पर हमला किया गया, उस वक्त वहां कुल 9 विधायक उपस्थित थे। वे लोग दिल्ली के लोगों को प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन उनका व्यवहार शहरी नक्सलियों से कम नहीं है। कितना घृणास्पद व्यवहार है।”

दिल्ली सरकार के प्रवक्ता नागेंद्र शर्मा ने हालांकि इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि मुख्य सचिव भाजपा के इशारे पर गलत आरोप लगा रहे हैं। शर्मा ने बयान जारी कर कहा, “केजरीवाल के आवास पर मुख्य सचिव से आधार को गलत तरीके से लागू किए जाने को लेकर सवाल किए गए, जिससे 2.5 लाख परिवारों को राशन से वंचित होना पड़ रहा है। इस पर मुख्य सचिव ने जवाब देने से मना कर दिया और कहा कि वह विधायकों या मुख्यमंत्री के प्रति जवाबदेह नहीं हैं बल्कि वह उप राज्यपाल अनिल बैजल को जवाब देंगे।”

उन्होंने कहा, “मुख्य सचिव ने कुछ विधायकों के खिलाफ खराब शब्दों का भी इस्तेमाल किया और बिना कोई जवाब दिए वापस चले गए।” शर्मा ने कहा, “यह पूरी तरह से गलत है कि यह बैठक और इसमें विवाद टीवी विज्ञापन के लिए हुआ। पूरी चर्चा बड़ी संख्या में राशन से वंचित परिवारों पर केंद्रित थी।” उन्होंने कहा, “निश्चय ही, वह (मुख्य सचिव) यह भाजपा के इशारे पर कर रहे हैं। भाजपा उप राज्यपाल और अधिकारियों के जरिए दिल्ली सरकार के संचालन में बाधा उत्पन्न करने के लिए बहुत ही नीचे गिर गई है।”

शर्मा ने कहा, “अगर मुख्य सचिव ऐसे बेबुनियाद आरोप लगा सकते हैं, तो इस बात की कल्पना की जा सकती है कि भाजपा, अधिकारियों के जरिए आप सरकार के काम में किस तरह की बाधा पहुंचा रही है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Gujarat Budget 2018: गौशालाओं के लिए 44 करोड़, युवाओं को ट्रेनिंग के साथ मिलेंगे 3 हजार रुपये
2 शत्रुघ्न सिन्हा बोले- पीएमओ ने मुझे नरेंद्र मोदी के मंच पर नहीं जाने दिया, फिर नीरव मोदी के वक्त क्यों सोया था?
3 यूनिसेफ की रिपोर्ट: जन्म के लिहाज से सबसे ज्यादा खतरनाक पाकिस्तान, भारत पर ध्यान देने की जरूरत
ये पढ़ा क्‍या!
X