West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय रविवार को बागी सांसद शताब्दी रॉय के साथ दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचे। बागी गुट सोमवार को स्पीकर ओम बिरला से मिलने की तैयारी कर रहा है। वे स्पीकर से उन्हें एक अलग गुट के तौर पर मान्यता देने और सदन में सत्ताधारी बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के सांसदों के साथ बैठने की अनुमति देने का आग्रह करेंगे।

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने बंदोपाध्याय की सिंह से मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका पार्टी बदलने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा, “ममता दीदी ने इन लोगों को पद और सम्मान दिया, और बदले में ये लोग ऐसा व्यवहार कर रहे हैं। सुदीप बंद्योपाध्याय का पार्टियां बदलने का इतिहास रहा है। हमने कहा था कि वे ठीक नहीं हैं और उनकी राजनीति सिर्फ ममता दीदी को गुमराह करके ही चलती थी। इस बात के लिए मुझे एक बार पार्टी से सस्पेंड भी किया गया था। आज यह साबित हो रहा है कि उस दिन मैंने जो कहा था, वह सही था।”

बागी सांसद शुभेंदु अधिकारी से करेंगे मुलाकात

बागी सांसद रविवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करने वाले हैं। इसके बाद वे लोकसभा अध्यक्ष से भी मिलेंगे। एएनआई के अनुसार, बागी टीएमसी सांसद जगदीश बसुनिया ने कहा, “पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री दिल्ली में बागी टीएमसी सांसदों से मुलाकात करेंगे, इससे पहले कि बागी टीएमसी सांसद लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करें।”

हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि लोकसभा अध्यक्ष से मिलने वाले 20 बागी सांसद होंगे। उन्होंने कहा, “हमें सोमवार (15 जून) को लोकसभा अध्यक्ष से मिलने की तारीख दी गई है।” उन्होंने आगे कहा, “सभी (बागी) सांसद उनके पास जाएंगे, वे सभी कल दिल्ली आ रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री के साथ सभी सांसदों की बैठक होगी और फिर हम सोमवार को स्पीकर से मिलेंगे। उनमें 19 सांसद शामिल होंगे।”

इससे पहले, बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया था कि 20 सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की औपचारिक रूप से मांग की है। यह घटनाक्रम 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में टीएमसी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इसके बारे में कहा जाता है कि इसने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले केंद्रीय नेतृत्व के बीच विभाजन को और गहरा कर दिया है।

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तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी अपने ही संसदीय क्षेत्र में अम्फान राहत कोष के गबन के आरोपों को लेकर गंभीर कानूनी संकट में फंस गए हैं। डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में राहत कोष के वितरण में 250 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…