तमिलनाडु में भाजपा का दामन छोड़ खुद की पार्टी बनाने में जुटे अन्नामलाई की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती हुई नजर आ रही है। अन्नामलाई के राजनीतिक आंदोलन में महज 10 घंटे के भीतर 10 लाख लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इसकी जानकारी खुद अन्नामलाई ने एक्स पर पोस्ट करके दी।
हफ्ते भर चले सियासी ड्रामे के बाद शुक्रवार सुबह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। अन्नामलाई ने भाजपा को 2 जून को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन पार्टी नेतृत्व उन्हें मनाने में लगा था लेकिन अन्नामलाई अपनी बातों पर टिके रहे और फिर मजबूरन पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
भाजपा छोड़ते ही अन्नामलाई की धूम
अन्नामलाई ने एक्स पोस्ट पर अपने रजिस्ट्रेशन का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “हमारे राजनीतिक आंदोलन ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है, जिसमें सिर्फ़ 10 घंटों के भीतर 10 लाख से ज़्यादा नेताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह जबरदस्त प्रतिक्रिया हमारी साझा सोच और सामूहिक मिशन में बढ़ते भरोसे का एक मज़बूत सबूत है। मैं उन सभी लोगों का दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ जिन्होंने इस आंदोलन पर भरोसा जताया है।”
खबर लिखे जाने तक इस आंदोलन में अन्नामलाई के साथ 10,51,360 से अधिक लोग जुड़ चुके थे। अन्नामलाई ने इस वेबसाइट के बारे में बताया गया कि इसका उद्देश्य स्वयंसेवकों को राज्य के भलाई के जोड़ना है। वेबसाइट पर लोगों के लिए लिखा गया है, वॉलंटीयर्स हमारे मिशन की जान हैं- वे समुदायों को सशक्त बनाते हैं, लीडरशिप को बढ़ावा देते हैं और जमीनी स्तर पर सार्थक बदलाव लाते हैं। चाहे आपकी रुचि शिक्षा, स्वास्थ्य, सस्टेनेबिलिटी या युवाओं की लीडरशिप में हो, अपनी सोच और मूल्यों से मेल खाने वाले मौकों को जानें। एक बेहतर कल बनाने के लिए हमारे साथ मिलकर काम करें।”
भाजपा छोड़ने की बताई वजह
शुक्रवार दोपहर सोशल मीडिया के जरिए भाजपा छोड़ने की बात बताते हुए अन्नामलाई ने कहा कि बीते 18 महीनों से उनके बीजेपी नेतृत्व से मतभेद चल रहे थे। उन्होंने भाजपा आलाकमान को लिखे पत्र में कहा, “राष्ट्रीय पार्टी कभी उस भाषा और भावना को नहीं समझ पाए जिसे तमिलनाडु समझता है। मैंने इस धारणा को बदलने की कोशिश की है और भीतर व बाहर से अनेक बाधाओं, अवरोधों और रुकावटों के बावजूद कुछ हद तक सफलता भी हासिल की है।”
आगे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, “मैं पार्टी नेतृत्व के साथ कई बार हुई चर्चा और पिछले 18 महीनों में व्यक्त किए गए अपने मतभेदों का जिक्र करना चाहूंगा। तमिलनाडु में विकास और सांस्कृतिक जड़ें रखने वाली राजनीति के आगे के मार्ग को लेकर अपने विचारों से मैं पार्टी नेतृत्व पर और बोझ नहीं डालना चाहता। वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई चर्चाओं के बाद मैं इस फैसले पर पहुंचा हूं कि तमिलनाडु के संबंध में हमारे विचार एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।”
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तमिलनाडु भाजपा को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब पूर्व प्रदेश पार्टी इकाई प्रमुख के. अन्नामलाई के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद दो नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष करुणा नागराजन और प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेश ने भी अपना इस्तीफा दे दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
