तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और नेता के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने भाजपा नेतृत्व को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि अब उनका रास्ता अलग है और वह एक नए राजनीतिक आंदोलन से जुड़ने जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2031 के चुनाव में उनकी राजनीतिक पार्टी मैदान में उतरेगी।
अन्नामलाई का इस्तीफा भाजपा नेतृत्व द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से उनका इस्तीफा भी मंजूर कर लिया गया है। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले 18 महीनों से उनके और भाजपा नेतृत्व के बीच कई मुद्दों पर मतभेद चल रहे थे।
अन्नामलाई ने बताया भाजपा छोड़ने का कारण
उन्होंने कहा, “मैंने भाजपा नेतृत्व को पहले ही बता दिया था कि मेरी राजनीतिक सोच और आगे का रास्ता अलग है। तमिल समाज की परंपरा रही है कि मतभेद होने पर उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए। इसलिए मैंने अपनी बात नेतृत्व के सामने रखकर इस्तीफा दिया।”
अन्नामलाई ने दावा किया कि पिछले डेढ़ साल के दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाई लेकिन उनकी बातों को पर्याप्त महत्व नहीं मिला। उनके अनुसार, अब भविष्य की ओर बढ़ने और नई राजनीतिक दिशा तय करने का सही समय आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में रहते हुए भी उन्होंने कभी तमिलनाडु और तमिल पहचान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नहीं छोड़ा। अन्नामलाई ने कहा कि उनकी राजनीति हमेशा राज्य के हितों और तमिल जनता की आकांक्षाओं से जुड़ी रही है।
‘रजनीकांत से निमंत्रण नहीं किया स्वीकार’
इस बीच अन्नामलाई ने अभिनेता-राजनेता रजनीकांत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें रजनीकांत की नई राजनीतिक पहल से जुड़ने का निमंत्रण मिला था लेकिन उन्होंने बी.एल. संतोष से वादा किया था। उस समय उन्होंने भाजपा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण उसे स्वीकार नहीं किया। बाद में उन्होंने रजनीकांत से मुलाकात की और माफी मांगकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।
अपने भाजपा में प्रवेश के शुरुआती दिनों को याद करते हुए अन्नामलाई ने बताया कि अभिनेता रजनीकांत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी थी। उन्होंने कहा कि रजनीकांत ने उनके राजनीति में आने के फैसले का स्वागत किया था और उनके राजनीतिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी थीं।
अन्नामलाई ने कहा कि उनका इस्तीफा केवल पार्टी छोड़ने का फैसला नहीं है बल्कि एक नई राजनीतिक सोच की शुरुआत है। उन्होंने कहा, “मैंने भाजपा से इस्तीफा एक नई राजनीति बनाने के उद्देश्य से दिया है। ऐसी राजनीति, जो व्यवस्था की बुनियादी संरचना में बदलाव ला सके।”
उन्होंने कहा कि वह अपने नए राजनीतिक सफर की शुरुआत एक गौरवान्वित भारतीय और पारंपरिक तमिल की पहचान के साथ कर रहे हैं। अन्नामलाई के मुताबिक, भाजपा में बिताए छह वर्षों के दौरान उन्होंने कभी भी तमिलनाडु के अधिकारों और हितों से समझौता नहीं किया।
अन्नामलाई ने बताया भविष्य का एजेंडा
उन्होंने कहा, “भाजपा में रहते हुए भी मैंने तमिलनाडु के अधिकारों को कभी नहीं छोड़ा। मेरी हमेशा यह इच्छा रही कि पार्टी तमिलनाडु की पहचान, संस्कृति और आकांक्षाओं को बेहतर ढंग से प्रतिनिधित्व करे।”
अन्नामलाई ने अपने भविष्य के राजनीतिक एजेंडे का संकेत देते हुए कहा कि जल्द ही उनके मूल सिद्धांतों पर आधारित एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत होगी। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन राजनीति को नई दिशा देगा। साथ ही उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के विकास और राज्य के हितों को आगे बढ़ाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद के. अन्नामलाई ने कहा, “मेरे सामने सबसे बड़ा द्वंद्व यह था कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं या फिर एक तमिल। 4 दिसंबर 2025 को ही मैंने पार्टी नेतृत्व को बता दिया था कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। उस समय पार्टी ने मुझसे कहा था कि पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी कर लें, उसके बाद फैसला लें।”
अन्नामलाई ने आगे कहा, “आज हम एक नए आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं। हमारी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु के अगले विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेगी।”
इस्तीफे में क्या लिखा अन्नामलाई ने?
2 जून को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भेजे गए अपने इस्तीफे पत्र में के. अन्नामलाई ने लिखा, “मैं तमिलनाडु में विकास और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित राजनीति को लेकर अपने विचारों से पार्टी नेतृत्व पर और दबाव नहीं बनाना चाहता। इसलिए मैंने अलग रास्ता चुनने का फैसला किया है।”
