ताज़ा खबर
 

मोदी सरकार प्रचंड बहुमत के घमंड से बाहर निकले, वायदों को पूरा करे: अण्णा हजारे

अण्णा हजारे ने रविवार को नरेंद्र मोदी अगुवाई वाले एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि उसने वन रैंक वन पेंशन के कार्यान्वयन सहित एक भी वायदा पूरा नहीं किया है।
Author July 27, 2015 08:43 am
हजारे ने नरेंद्र मोदी अगुवाई वाले एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि उसने वन रैंक वन पेंशन के कार्यान्वयन सहित एक भी वायदा पूरा नहीं किया है। (Express Photo by: Ravi Kanojia)

पूर्व में सैनिक रह चुके वयोबृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे रविवार को वन रैंक वन पेंशन के पक्ष में खड़े हो गए। इस बाबत आंदोलनरत पूर्व सैनिकों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने रक्षाकर्मियों को आश्वासन दिया कि वे उनके लिए ‘लोकपाल’ वाला आदोलन दोहराएगें। सरकार की कथनी और करनी के फर्क के बाबत लोगों को ‘जागृत’ करने के लिए देशभर का दौरा करेंगे।

उन्होंने जंतर मंतर पर बने मंच से एलान किया कि वे भूतपूर्व सैनिकों का देय दिलाने दो अक्तूबर को यहां रामलीला मैदान में रैली करेगें। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे पूर्व रक्षाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘शहीद दिवस (करगिल विजय दिवस) भाषण देने का दिन नहीं है। हम हर वह चीज करेंगे जो हम वन रैंक वन पेंशन का कार्यान्वयन कराने के लिए कर सकते हैं। मैं देशभर के कई राज्यों में जाउंगा और रैलियां करूंगा।’ साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों से यह भी कहा, ‘मेरा एकमात्र आग्रह है कि कृपया हिंसा न अपनाएं। इसकी वजह से आम आदमी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।’

हजारे ने रविवार को नरेंद्र मोदी अगुवाई वाले एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि उसने वन रैंक वन पेंशन के कार्यान्वयन सहित एक भी वायदा पूरा नहीं किया है। सामाजिक कार्यकर्ता ने सरकार को आगाह किया कि वह चुनाव पूर्व किए गए अपने सभी वायदों को पूरा करे, अन्यथा हर गुजरते दिन के साथ ‘नुकसान’ होगा। हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव पूर्व रैली में किए गए वायदे के संदर्भ में कहा, ‘जब हम सत्ता में आएंगे तो हम वन रैंक वन पेंशन कार्यान्वित करेंगे। उन्होंने (मोदी और भाजपा ने) यह रोहतक में कहा था।’

रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को एक अच्छा व्यक्ति करार देते हुए हजारे ने कहा कि यहां तक कि वह भी आश्वासन पूरा करने में विफल रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन के कार्यान्वयन के लिए आंदोलन की जरूरत बताते हुए अण्णा हजारे ने कहा कि लोकपाल विधेयक रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शनों के बाद ही पारित हो सका था और यह सरकार भी वन रैंक वन पेंशन क्रियान्वित करने को तैयार नहीं है। उन्होेंने सरकार को आगाह किया।

इस मौके पर अण्णा ने सरकार पर लोकसभा चुनाव पूर्व किए गए वायदों में से एक को भी पूरा न किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय उन्होंने आश्वासन दिया था कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को प्राथमिकता देंगे। भ्रष्टाचार बढ़ गया है और महंगाई बढ़ी है। बहुत से आश्वासन दिए गए थे और एक भी पूरा नहीं हुआ है।

राजग सरकार पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि एक और वायदा किया गया था कि किसानों को उनकी उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा मिलेगा। हजारे ने केंद्र सरकार से पूछा कि काले धन के बारे में क्या हुआ? आपने कहा था कि हर व्यक्ति को उसके खाते में 15 लाख रुपए मिलेंगे। यदि आप यह सोचते हो कि आपके पास बहुमत है और आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। तो आप गलत हैं, आपको नुकसान का सामना करना पड़ेगा।

इस मंच से गांधीवादी अण्णा ने संसद और सांसदों की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी की। सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी की मांग की निन्दा करते हुए हजारे ने कहा कि उन्हें बहुत से लाभ मिलते हैं, लेकिन रक्षाकर्मियों की विधवाओं को बहुत कम राशि मिलती है।

उन्होंने कहा कि हवाई किराया, रेलवे का क्लास एसी 1 टिकट, बंगला, वाहन, कर्मचारी, मोटी तनख्वाह। फिर भी सांसद कह रहे हैं कि यह पर्याप्त नहीं है और बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर रक्षाकर्मियों की विधवाओं और माताओं को 3,500-4,500 रुपए! क्या यह न्याय है और क्या यह हमारी स्वतंत्रता है? क्या हम इसे लोकतंत्र कहेंगे? उन्होंने संसद में गतिरोध पर भी चिंता जताई। हजारे ने कहा कि संसद पिछले पांच दिन से नहीं चल पा रही है। संसद में एक दिन का कितना खर्च होता है। वह किसका धन है? यह मेरा और आपका धन है और ये लोग लड़ने में व्यस्त हैं।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.