Anna Hazare on AAP Crisis: राघव चड्ढा सहित आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के बगावत करके बीजेपी में जाने के ऐलान को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे का एक नया बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने दल-बदल के बढ़ते चलन की तीखी आलोचना की है। अन्ना हजारे ने मांग की कि दल-बदल के खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनाया जाए, जिससे जनता के साथ धोखा न हो।
दरअसल, न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अन्ना हजारे ने रविवार को दल-बदल के खिलाफ एक सख्त कानून लाने की मांग की। अन्ना हजारे ने मतदाताओं से किसी भी नेता को वोट देने से पहले सावधानीपूर्वक विचार करने की भी अपील की है। बता दें कि उनका ये बयान राघव चड्ढा और 6 राज्यसभा सांसदों के आप छोड़ बीजेपी में जाने की घोषणा के बाद आया है।
स्वार्थ के लिए बदलते हैं पार्टी – अन्ना
समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि संविधान में कहीं भी राजनीतिक दलों का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा,”संविधान हमेशा समाज और राष्ट्र के कल्याण पर केंद्रित रहता है। इसमें किसी भी राजनीतिक दल का उल्लेख नहीं है। आज समाज में विवाद और संघर्ष ऐसे गुटों और राजनीतिक दलों के कारण बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता केवल स्वार्थवश ही पार्टियां बदलते हैं।
सख्त कानून बनाने की मांग
अन्ना हजारे ने नेताओं के दल-बदल वाले मामलों को लेकर कहा, “लोग अपने हितों को ध्यान में रखते हुए एक पार्टी से दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, और जहां भी उन्हें अपने लिए लाभ दिखता है, वहां चले जाते हैं।” दल-बदल के मामले में कड़े कानून की मांग करते हुए उन्होंने कहा, “ऐसा सख्त कानून बनाया जाना चाहिए जो निर्वाचित नेताओं को दूसरी पार्टियों में शामिल होने से रोके। देश कानूनों के आधार पर चलता है। अगर ऐसा कानून लागू होता है, तो इस तरह की गलतियां नहीं होंगी।”
सावधानी बरतने की अपील की
अन्ना हजारे ने कहा है कि अगर दल-बदल को लेकर सख्त कानून बनता है तो कानून लागू होने पर लोग पार्टियां नहीं बदल पाएंगे। अन्ना हजारे ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा हाल ही में BJP में शामिल होने पर समाज और जनता को विचार करना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते समय सावधानी बरतने की अपील की।
अन्ना हजारे ने कहा कि वोटर ही सर्वोपरि है और यह उन्हीं पर निर्भर करता है कि वे किसे वोट दें, सही व्यक्ति को या गलत व्यक्ति को। यदि मतदाता सोच-समझकर निर्णय लें, तो सभी दलों और गुटों में व्याप्त अनियमितताओं को दूर किया जा सकता है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुछ राजनेता देश और समाज के कल्याण की तुलना में धन और सत्ता में अधिक रुचि रखते हैं।
राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के AAP छोड़ने पर क्या बोले अन्ना हजारे?
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है, क्योंकि राघव चड्ढा सहित राज्यसभा के कुल 7 सांसदों ने AAP छोड़ी और बीजेपी में शामिल हो गए। राघव और अन्य संसदों के इस कदम पर अब अरविंद केजरीवाल के गुरू यानी अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने AAP चीफ केजरीवाल पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़िए पूरी खबर…
