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क्या है ‘Animal Corridor’, जिसका प्रस्ताव केंद्र कर चुका है मंजूर? जानें

राजस्थान के वन और पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई ने बताया कि कॉरिडोर के लिए भेजे गए प्रस्ताव को भारत सरकार की मंजूरी मिल गई है।

animal overpasses central wildlife boardतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (पीटीआई)

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ‘एनिमल कॉरिडोर’ निर्माण के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद जंगली जानवरों की रक्षा हो सकेगी और उन्हें कम से कम खतरों का सामना करना पड़ेगा। राजस्थान के वन और पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई ने बताया कि कॉरिडोर के लिए भेजे गए प्रस्ताव को भारत सरकार की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के बाद वन्य जीव सुरक्षित रहेंगे और उन्हें कम खतरे का सामना करना पड़ेगा। ये राजस्थान के लिए खुशी की खबर है।

एनिमल कॉरिडोर के तहत दरअसल राजस्थान में ये सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है कि प्रदेश में रणथंभौर नेशनल पार्क और मुकुंदरा (दर्रा) वन्यजीव अभयारण्यों को जोड़ने में कोई परेशानी ना हो। राज्य सरकार के इस प्लान को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। राजस्थान सरकार ने केंद्रीय वन्यजीव बोर्ड को ये प्रस्ताव भेज दिया है। इसपर अगले सप्ताह तक निर्णय लेने की संभावना है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक इन कॉरिडोर के ऊपर प्राकृतिक दिखने वाली संरचनाएं होंगी। एनिमल कॉरिडोर निर्माण के बाद वन्यजीवों को सुरक्षित मार्ग मिलेगा। इन कॉरिडोर को वन गलियारे के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि ये कॉरिडोर जानवरों को स्वभाविक लगें।

क्या है एनिमल कॉरिडोर?
एनिमल कॉरिडोर में निर्माणधीन एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ पुल नुमा प्राकृतिक दिखने वाली संरचनाएं बनाई जाएगी, ताकि वन्य जीव इसे पार कर एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकें और उनकी जान का खतरा कम से कम हो।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली-मुबंई एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद एक शहर से दूसरी शहर की दूरी 12 से 14 घंटे में पूरी की जा सकेगी। हाल में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस एक्सप्रेस-वे के बारे में बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे साल 2022 के भीतर तैयार हो जाएगा। इस पर तेजी से काम जारी है और प्रतिदिन औसतन 30 किमी सड़क बनाई जा रही है।

गडकरी ने बताया कि फिलहाल दिल्ली से मुंबई 1400 किलोमीटर का सफर तय करने में करीब 24 घंटे से अधिक का समय लग जाता है लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद ये सफर केवल 12 से 14 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

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