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तत्कालीन सीएम, बेटे और पार्टी नेता जिस शहर में कर रहे थे लैंड डील, 6 महीने बाद उसे बना दी राजधानी, कैबिनेट सब कमेटी के आरोप

कमेटी की तरफ से कहा गया है कि अमरावती में लैंड की डील में यह लोग शामिल थे और उसके छह महीने बाद उसे आधिकारिक तौर से राजधानी घोषित कर दिया गया।

कैबिनेट सब कमेटी ने यह रिपोर्ट सीएम जगन मोहन रेड्डी को सौंप दी है। फोटो सोर्स – Indian Express

आंध्र प्रदेश में YSR कांग्रेस पार्टी सरकार की कैबिनेट सब कमेटी ने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उनके परिवार वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कैबिनेट सब कमेटी ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू उनके बेटे एन लोकेश और टीडीपी के अन्य 6 नेता गुंटूर जिले में उस जगह पर जमीन खरीद-फरोख्त करवाने में शामिल थे जिस जगह को बाद में राजधानी घोषित कर दिया गया।

कैबिनेट सब कमेटी ने बीते शुक्रवार (27-12-2019) को अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है। कमेटी की तरफ से कहा गया है कि अमरावती में लैंड की डील में यह लोग शामिल थे और उसके छह महीने बाद  अमरावती को आधिकारिक तौर से राजधानी घोषित कर दिया गया। इस कमेटी का नेतृत्व राज्य के वित्त मंत्री बी राजेंद्रनाथ कर रहे थे। इस कमेटी में पंचायती राज मंत्री पी रामचंद्र रेड्डी, उद्योग मंत्री एम गौतम रेड्डी औऱ सिचाई मंत्री पी अनिल कुमार भी शामिल थे। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट अब मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को सौंप दी है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीन की खरीद-फोख्त बेनामी ट्रांजेक्शन के जरिए की गई। इस डील में AP Assigned Lands (Prohibition of Transfer) Act of 1977 और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act 1989 का उल्लंघन किया गया है। जिस शख्स ने इस जमीन को खरीदा उसे सीधे तौर से यह जमीन नहीं दी गई बल्कि इस जमीन का लाभुक एक ऐसे शख्स को बताया गया जिसके पास व्हाइट राशन कार्ड था यानी जिसकी आय काफी कम थी उसे राजधानी क्षेत्र के इस जमीन का मालिक बताया गया। इस रिपोर्ट में जमीन के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड के हवाले से कहा गया है कि कम से कम 4069.94 एकड़ जमीन खरीदी गई और यह खरीद 1 जून 2014 और दिसंबर 31 2014 के बीच की गई।

इस जमीन की डील में जो लोग शामिल थे उनमें नारा चंद्रबाबू नायडू, नारा लोकेश के करीब और एनआरआई वेमूरू रवि कुमार प्रसाद, के अलावा पूर्व मंत्री परिताला सुनिथा, पूर्व टीडीपी विधायक जीवीएस अंजनीयेलू, टीडीपी विधायक पायावेलू केशव, टीडीपी के पूर्व प्रवक्ता लंका दिनाकर, उद्योगपति Lingamaneni Ramesh समेत अन्य लोग शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्लॉट से ना सिर्फ एन चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे जुड़े थे बल्कि पार्टी के कई और सदस्य भी इसमें शामिल थे। इस मामले में जब एन लोकेश से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सियासी साजिश का हिस्सा है।

एक मशहूर उद्योगपति Lingamaneni Ramesh ने अपने नाम से काफी जमीनें खरीदी। उनकी पत्नी L Sumana के अलावा उनके अन्य रिश्तेदार L Prasanthi, L Swarnakumari. Ponguru Narayana ने 55.27 एकड़ जमीन खरीदी। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक इस खरीद में इनके नाम कुछ और ही दर्ज थे जो इस प्रकार हैं – Avula Munisankar, Rapuru Sambasiva Rao, Potturi Prameela और Kothapu Varun Kumar…

इसी तरह पूर्व टीडीपी विधायक Kommalapati Sridhar ने 68.6 जमीन अपने संदिग्ध फर्म Abhinandana Housing Private Limited, Guntur के नाम पर खरीदी। इसी तरह 38.84 एखड़ जमीन तत्कालीन सरकार में मंत्री Prattipati Pulla Rao ने खरीदी लेकिन कागजों पर खरीदार का नाम Gummadi Suresh दिखाया गया।

आपको बता दें कि वाईएसआर कांग्रेस पहले भी टीडीपी के बड़े नेताओं पर अमरावती में बड़े पैमाने पर लैंड डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही है। जगनमोहन ने अमरावती की लैंड डील में इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप लगाते हुए पहले कहा था कि चंद्रबाबू नायडू ने अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाया है।

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