आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले में मलेरिया की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान क्लोरोक्विन की गोलियां खाने से एक सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई है। साथ ही 70 से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। मामले के सामने आने के बाद इलाज के लिए जिले के दो प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में मेडिकल टीमें भेजी गई हैं।

इधर मामले की जांच के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आदेश दे दिए हैं। साथ ही सीनियर मेडिकल व हेल्थ अधिकारियों को गांव जाकर हालात पर नजर रखने का निर्देश दिया है।

बुखार की जांच के लिए लगाई थी कैंप

मलेरिया के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पिछले सप्ताह गोल्लागुप्पा गांव में बुखार की जांच के लिए कैंप लगाकर ये गोलियां लोगों को दी गई थीं। जिला कलेक्टर के. दिनेश कुमार ने बताया कि दो ग्रामीण में मलेरिया की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद अधिकारियों ने यह अभियान चलाया था।

के. दिनेश कुमार ने कहा कि सात वर्षीय बच्ची गोली खाने के बाद बीमार पड़ गई और बेहोश हो गई। हालत बिगड़ने के कारण ब्लड ग्लूकोज लेवल का गिरना बताया गया। उसे पहले प्राइमरी हेल्थ सेंटर और फिर तेलंगाना के भद्राचलम एरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

उन्होंने कहा, “उन्हें पास के प्राइमरी हेल्थ सेंटर और बाद में बेहतर इलाज के लिए भद्राचलम एरिया हॉस्पिटल ले जाया गया। दुर्भाग्य से उनकी मौत हो गई।”

बीमार पड़ने वालों में कम से कम 15 बच्चे शामिल हैं। जिला कलेक्टर ने कहा, “बाकी सभी मरीजों की हालत स्थिर है और परेशान की कोई बात नहीं है। जांच के लिए ब्लड सैंपल भेज दिए गए हैं।”

आंध्र प्रदेश-तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित है गांव

जिला कलेक्टर ने बताया कि एहतियात के तौर पर गोल्लागुप्पा के 54 लोगों को भद्राचलम एरिया हॉस्पिटल ले जाया गया था। इनमें से 53 लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें 48 बच्चे और पाँच वयस्क हैं। गोल्लागुप्पा गाँव आंध्र प्रदेश-तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित है।

उन्होंने कहा, “उन लोगों की सेहत स्थिर है और कोई भी गंभीर या खतरनाक हालत में नहीं है। एक खास कैंप के जरिए 17 और ग्रामीणों को भी मेडिकल सुविधाएँ दी जा रही हैं और वे सभी सुरक्षित हैं।”

दिनेश कुमार ने बताया कि क्लोरोक्विन टैबलेट्स मेडिकल और हेल्थ डिपार्टमेंट के नियमों के अनुसार उम्र के हिसाब से सही मात्रा में बांटी गई थीं और दवा के क्वालिटी-कंट्रोल टेस्ट के नतीजे भी संतोषजनक हैं। हालांकि, गांव में इस्तेमाल किए गए खास बैच को जांच के लिए विजाग फोरेंसिक लैब भेजा गया है।

मेडिकल टीमें भद्राचलम पहुंच गई

काकीनाडा, राजामहेंद्रवरम और विजयवाड़ा से तीन खास रैपिड-रिस्पॉन्स मेडिकल टीमें भद्राचलम पहुंच गई हैं। इन टीमों में असिस्टेंट प्रोफेसर, पोस्ट-ग्रेजुएट डॉक्टर और जनरल फिजिशियन शामिल हैं, जो बीमार लोगों का इलाज कर रहे हैं।

मेडिकल टीमें गोल्लागुप्पा के लगभग 270 निवासियों की हेल्थ प्रोफाइल भी तैयार कर रही हैं और सिकल सेल एनीमिया, दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं और को-मॉर्बिडिटीज (साथ में मौजूद अन्य बीमारियों) की जांच के लिए ब्लड टेस्ट भी कर रही हैं।

दिनेश कुमार ने लोगों से घबराने की अपील करते हुए कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और अहम मेडिकल देखभाल मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें सही इलाज दिया जा रहा है।

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आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्कूल की कक्षा में टीचर द्वारा कथित तौर पर थप्पड़ मारे जाने के बाद एक 6 साल के बच्चे की मौत हो गई। गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में नजर आ रहा है कि किंडरगार्टन का स्टूडेंट हाथ में स्लेट लिए टीचर की टेबल के पास लाइन में खड़ा है और उसका होमवर्क चेक किया जा रहा है। वीडियो में बच्चा परेशान नजर आ रहा है और अध्यापिका के सामने रोते हुए हाथ हिलाता दिखाई दे रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें